चंडीगढ़। फर्जी तरीके से वेंडिंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर वसूली करने वाले आरोपी को पुलिस ने मंगलवार को जिला अदालत में पेश किया जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह ग्रेजुएट है। उसने खुद ही कंप्यूटर से हरजिंदर सिंह शिंदा अपना नगर निगम के इंस्पेक्टर का आईडी कार्ड बनाया था। कंप्यूटर से ही शीट के जरिए फर्जी लाइसेंस तैयार कर दो लोगों को दिए थे। पूछताछ में सामने आया कि 5-5 हजार रुपये में लाइसेंस देने का वादा किया गया था। एडवांस के तौर पर दोनों से 500-500 रुपये लिए गए थे।
पूछताछ में सामने आया कि अपने स्तर पर ही आरोपी ने ठगी करनी शुरू की थी। आगे भी लोगों से ठगी करने की योजना थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। टाउन वेंडिंग कमेटी टीवीसी के मेंबर नवनीत चावला और मुकेश गिरी ने पुलिस को शिकायत दी थी।
शिकायत के आधार पर सेक्टर 39 थाना पुलिस ने आरोपी राजेश सलूता के खिलाफ केस दर्ज कर सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी हरजिंदर सिंह शिंदा नाम से फर्जी नगर निगम के इंस्पेक्टर का आईडी कार्ड बनाकर वेंडर्स को फर्जी वेंडिंग लाइसेंस जारी कर ठगी कर रहा था।
आरोपी लोगों का भरोसा जीतने के लिए फर्जी आई-कार्ड और दस्तावेज दिखाता था। वह दावा करता था कि कुछ ही घंटों में लाइसेंस बनवा देगा। गरीब वेंडरों को फंसाने के लिए किस्तों में भुगतान का लालच भी देता था। अभी तक दो ही मामलों का खुलासा हुआ है। सेक्टर 39 थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ कर पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने और किन किन लोगों से ठगी की है।