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Chandigarh News: 13 साल की बच्ची को गर्भवती करने के दोषी को नहीं मिली राहत

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चंडीगढ़। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मलोया थाना क्षेत्र में 13 साल की बच्ची को गर्भवती बनाने के दोषी की जुवेनाइल बोर्ड की ओर दी गई सजा से बरी करने की अपील खारिज कर दी है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में पॉक्सो एक्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें दीं। वहीं, ऑब्जर्वेशन होम/स्पेशल होम में सजायाफ्ता दोषी की उम्र अब 21 साल होने पर अदालत ने उसे बुड़ैल जेल भेजने के आदेश दिए हैं।
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इस मामले में 10 सितंबर 2019 को जीएमएसएच-16 से मलोया थाने को रुक्का मिला था। वहां पहुंचने पर पुलिस को पता चला कि 13 साल की बच्ची 25 हफ्ते की गर्भवती है। बच्ची ने अपने बयान में बताया कि पड़ोस में रहने वाला 16-17 साल के लड़के से उसकी दोस्ती थी। वे एक-दूसरे से प्यार करने लगे। उसके बुलाने पर वह 10-15 बार उसके घर गई। लड़के ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। 10 सितंबर, 2019 को उसके पेट में दर्द होने पर मां अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टर ने छह माह की गर्भवती बताया। इसके बाद पीड़िता के बयान पर आरोपी लड़के के खिलाफ मलोया थाना पुलिस ने आईपीसी 376(3) व पोक्सो एक्ट-4,6 के तहत केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की उम्र 18 साल से कम होने के कारण यह मामला जुवेनाइल बोर्ड की कोर्ट में चला। बोर्ड ने दोषी को 16 दिसंबर, 2021 को सजा सुनाई थी। दोषी ने अब धारा 376(3) और पॉक्सो एक्ट 4 व 6 के तहत आरोपों से बरी करने करने के लिए आवेदन दायर किया था लेकिन अदालत ने कहा कि दोषी को बोर्ड ने गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर सजा सुनाई है जो कि बिल्कुल सही है। अदालत ने उसके आवेदन को खारिज कर ऑब्जर्वेशन होम से बुड़ैल जेल भेजने के भी आदेश दिए।
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