वादाखिलाफी...200 किलोमीटर दूर स्टेशन देने की तैयारी
शिक्षक के तौर पर चयनित अभ्यर्थी भी कौशल रोजगार निगम की कार्यप्रणाली से खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि 200-200 किलोमीटर दूर स्टेशन दिए जा रहे हैं। कुरुक्षेत्र की एक महिला अध्यापक ने बताया कि उसे मेवात का स्टेशन दिया गया है। इसी प्रकार, कैथल, करनाल के अभ्यर्थियों को हिसार, महेंद्रगढ़ और नारनौल समेत पलवल के स्कूलों में नौकरी करने के लिए कहा गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि पहले निगम का दावा था कि आवेदकों को उनके जिलों में ही तैनात किया जाएगा लेकिन अब वादा नहीं निभाया जा रहा है।
सार्वजनिक हो चयन प्रक्रिया: ढुल
सामाजिक कार्यकर्ता श्वेता ढुल का कहना है कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम ने भर्ती पारदर्शिता से की है तो चयन प्रक्रिया भी सार्वजनिक करनी चाहिए। चयनित और बाहर होने वालों को मेरिट का आधार पता चलना चाहिए।
सर्टिफिकेट और आय का सत्यापन की भी जांच नहीं
अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि भर्ती में टीचिंग के अनुभव प्रमाण पत्रों और आय की सत्यापन के लिए कोई जांच नहीं की गई। जिस भी अभ्यर्थी ने अपना डाटा भर दिया, निगम ने उसे उतना ही मान लिया। आरोप है कि काफी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जिनके घर पहले से नौकरी है और उन्होंने अपनी आय 1.80 लाख से भी नीचे दिखाई है। अभ्यर्थियों ने मांग है कि नियुक्ति देने से पहले इस दस्तावजों और सालाना आय का सत्यापन कराया जाए।
पूरी तरह से पारदर्शी है भर्ती: केएम पांडूरंग
हरियाणा कौशल रोजगार निगम के सीईओ केएम पांडूरंग ने बताया कि टीजीटी-पीजीटी भर्ती पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से की गई है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है। जहां तक चयन प्रक्रिया की बात है तो जल्द ही विस्तृत परिणाम जारी किया जाएगा ताकि चयन हुए और बाहर हुए अभ्यर्थियों को मेरिट की जानकारी मिल सके। रही बात दूर के स्टेशन अलॉट करने की तो ऐसी मात्र 15 शिकायतें आई हैं। हमारी कोशिश रही है कि पहले जिला, दूसरा उसके आसपास और तीसरा विकल्प इससे दूर का है।