कोविड हॉटस्पॉट बने गांवों में 15 मई से लोगों की जांच शुरू होगी। कोरोना लक्षण वालों को आइसोलेशन केंद्र में रखा जाएगा। कोविड-19 वैक्सीन के लिए जल्द ही ग्लोबल टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंगलवार को कोविड की स्थिति का जायजा लेने के लिए हुई बैठक में ये निर्णय लिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना लक्षण वालों को गांव में ही बनाए गए आइसोलेशन केंद्र में क्वारंटीन किया जाए और उनका इलाज सही तरीके से हो। आइसोलेशन केंद्र में मेडिकल, पैरामेडिकल, आशा वर्कर इत्यादि कर्मचारियों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रारंभ में एक हजार आइसोलेशन केंद्र बनाने की योजना है। इसके लिए ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच को 5,000 थर्मल स्कैनर, 4,000 ऑक्सीमीटर व पर्याप्त मात्रा में पैरासिटामोल व अन्य आवश्यक दवाइयां स्टॉक में उपलब्ध हैं।
महामारी को रोकने के लिए युद्घ स्तर पर कार्य किया जाए, चाहे वह आधारभूत संरचना की बात हो या किसी प्रकार की अन्य आवश्यक चाजों के खरीदने की। हर सीएचसी में 5-10 बेड की व्यवस्था हो।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन के भंडारण के लिए टैंक जल्द से जल्द बनाए जाएं। जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज दूर हैं और ऑक्सीजन के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर पर निर्भरता है, वहां पर लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने हर जिले में 5 से 10 नए वेंटिलेटर स्थापित करने के भी निर्देश दिए। इसकी निगरानी रखी जाए कि निजी अस्पताल बेड के लिए निर्धारित दरों से अधिक न वसूलें।