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देश को दहलाने जम्मू-कश्मीर में घुसे आतंकवादी

Wed, 05 Feb 2014 12:08 AM IST
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पाकिस्तान से नवंबर, 2013 में कई आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में घुस गए थे। ये आतंकी भारतीय सैनिकों पर हमला कर सकते हैं।
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आतंकवादी अपने नेताओं की जम्मू-कश्मीर में एसएफएस के हाथों हुई हत्या का बदला लेने के लिए एसएफएस कैंपों पर भी हमला कर सकते हैं। यह सूचना गृह मंत्रालय ने गत 22 जनवरी को सब राज्यों को भेजकर सुरक्षा बढ़ाने को कहा है।

गृह मंत्रालय ने सूचना में कहा कि पाकिस्तान के रावलपिंडी में फरवरी, 2013 में हुई बैठक में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और हिजब-उल-मुजाहिदीन (एचएम) के आकाओं ने बैठक कर अफजल गुरु की फांसी का बदला लेने के लिए दिल्ली या मुंबई में आतंकी हमले करने की साजिश रची।
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इसके अलावा भारत के खिलाफ जेहाद छेड़ने के लिए अन्य आतंकी संगठनों खासकर तालिबान के साथ संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया। एलईटी मुखिया ने अपने शीर्षस्थ कमांडरों के साथ पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में फरवरी, 2013 में बैठक की।

इसमें भारत में खासकर जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियां तेज करने के साथ वैष्णो देवी मंदिर, अमरनाथ यात्रा, दिल्ली मेट्रो और दिल्ली एयरपोर्ट पर आतंकी हमला करने के बारे में चर्चा की।
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एलईटी मुखिया और एक सीनियर कमांडर ने मुजफ्फराबाद में अन्य कमांडरों और मुजाहिदों के साथ मार्च, 2013 में बैठक की।

सिमी के संपर्क में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान
गृह मंत्रालय ने सूचना में जानकारी दी है कि एक अक्तूबर, 2013 को खांडा जेल से भागे छह सिमी कार्यकर्ताओं में से सिर्फ एक अबु फैजल ही पकड़ा जा सका है।

उसने पूछताछ के दौरान जानकारी दी है कि भारत के गणमान्य लोगों पर हमला करने के लिए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान संगठन सिमी के संपर्क में है। पटना सीरियल बम धमाकों में शामिल इंडियन मुजाहिदीन के पांच संभावित अब तक फरार हैं।
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