हरियाणा के यमुनानगर से चल रहे ई-टिकट के फर्जीवाड़े में गिरफ्तारियां होने से आरपीएफ के हाथ हैरान करने वाली जानकारियां लगी है। ई-टिकट गिरोह का खुलासा करने के बाद रेलवे ने साइबर कैफों पर सतर्कता बढ़ा दी है। ई-टिकट गिरोह के सदस्यों का हवाला कारोबार और आतंकी फंडिंग से जुड़े होने की आशंका के बाद रेलवे ने विशेष टीमों का गठन कर निगरानी करने के आदेश दिए हैं।
साइबर कैफों के साथ आईआरसीटीसी द्वारा टिकट बुकिंग करने वालों पर नजर रखी जा रही है। अंबाला मंडल में पिछले एक साल में बड़ी संख्या में फर्जी आईडी से टिकट बुक कराने के आरोप में कई गिरफ्तारियां हो चुकी है। जिनमें से अकेले यमुनानगर से 10 लोग पकड़े जा चुके हैं। जिसके बाद अब मंडल में टीमें गठित कर सतर्कता बढ़ा दी है।
मचा हुआ है हड़कंप
अवैध सॉफ्टवेयर और फर्जी आईडी के जरिये रेलवे के ई-टिकट बुक कराने वाले गिरोह के खुलासे के बाद रेलवे में हड़कम्प मचा हुआ है। बैंगलुरू से मुख्य आरोपी गुलाम मुस्तफा के पकड़े जाने के बाद आरपीएफ के हाथ हैरान करने वाली जानकारियां लगी है। देश भर में फैले इस नेटवर्क के जरिये हवाला कारोबार और आतंकी फंडिंग होने की आशंका जताई जा रहीं है।
आरपीएफ के खुलासे के बाद रेलवे अधिकारी अलर्ट मोड पर है और मंडल स्तर पर विशेष टीमों का गठन कर टिकट बुकिंग करने वाले लोगों पर नजर रखी जा रहीं है।
बनाई गई हैं स्पेशल टीमें
फर्जी आईडी का प्रयोग कर अवैध रूप से टिकट बनाने वाले दलालों पर शिकंजा कसने के लिए आरपीएफ की स्पेशल टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों का गठन स्टेशन स्तर पर, मंडल स्तर पर किया गया है। वहीं दिल्ली रेलवे हेडक्वार्टर की ओर से भी टीमों का गठन किया गया है। जो गुप्त तरीके से रेड करती है।
उपकरणों की चल रही जांच
अब तक पकड़े गए रेलवे ई-टिकट एजेंटों के पास से मिले कंप्यूटर सिस्टम, लैपटॉप सहित अन्य उपकरणों की गहनता से जांच चल रही है। रेलवे का आईटी सैल इन्हें खंगाल रहा है। जिसके बाद पता चल पाएगा कि किसी सिस्टम व आईडी से अवैध तरीके से कितनी टिकट बनाई गई हैं।
फर्जी आईडी व गलत तरीकों से टिकट बनाने वालों के खिलाफ अभियान चला हुआ है। जिसके अंर्तगत कई लोगों पकड़ा है। उनके उपकरणों की जांच चल रही है। जांच के बाद पता चल पाएगा कि किस आईडी से कितनी टिकट बनाई गई है। इसके लिए आरपीएफ पूरी तरह अलर्ट है।
- सी. रघुबीर, डीएससी, अंबाला मंडल