नयागांव। सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर शिवालिक की पहाड़ियों में बसे गांव सिसवां को पंजाब की पिछली कांग्रेस और वर्तमान की आम आदमी पार्टी की सरकारों ने पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए चुना था। इसके लिए पिछली सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किए थे। इसके बाद पंजाब की सत्ता में बंपर जीत हासिल करके आई आम आदमी पार्टी सरकार ने भी पंजाब के पहाड़ी क्षेत्रों को टूरिज्म के तौर पर प्रस्तुत किया।
वहीं, टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए जगहों को चिन्हित करके उनको प्रमोट करने के लिए अनेक तरह के पंजाब भर में कार्यक्रम किए गए। सिसवां डैम भी सुविधाओं के अभाव में टूरिस्टों को अपनी ओर कुछ खास आकर्षित नहीं कर पाया है। इसका मुख्य कारण न तो वहां कार पार्किंग का उचित प्रबंध है और न ही बनाए टेंटों की बुकिंग शुरू हो पाई है, साथ ही ट्रैकिंग के लिए बनाए गए चारों ट्रैक शुरू हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कहने पर उनके वन विभाग के मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने 24 अगस्त, 2021 को इस स्थल का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया था। वहां बाहर से घूमने आने वाले पर्यटकों को लुभाने के लिए बोटिंग, ट्रैकिंग ट्रैक, म्यूजियम, कैंटीन जैसी सुविधाओं के साथ-साथ रात्रि विश्राम के लिए गर्मियों में एसी और सर्दियों में हीटर टेंट की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। इनकी बुकिंग लोगों को ऑनलाइन करनी थी, लेकिन दो साल बीत जाने पर भी अभी तक विभाग इसकी वेबसाइट ही नहीं बना पाया है।
टेंट में एक रात ठहरने थे दो हजार रुपये
टेंट में एक रात ठहरने के लिए दो हजार रुपये की राशि रखी गई थी। उस समय इनके अंदर अटैच बाथरूम, क्लासिक फर्नीचर, फ्लोर कारपेट आदि अन्य सुख-सुविधा का ख्याल रखा गया था। दो साल से यह इस्तेमाल न होने से खराब हाे गए थे और अब इन पर फिर से खर्च करना होगा।
पार्किंग के लिए नहीं है उचित जगह सिसवां डैम पर घुमने आए लोगों को अपने वाहन पार्क करने के लिए जगह न मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्हें अपने वाहन सिसवां-बद्दी हाईवे पर खड़े करने पड़ते हैं जो पहले से काफी छोटा है। ऐसे में सड़क के किनारे वाहन खड़े करने से एक और जाम लगने की स्थिति पैदा हो जाती है। वहीं, दूसरी ओर सड़क पर तेज आते-जाते वाहनों से दुर्घटना का डर बना रहता है इसलिए वहां आने वाले लोगों में कमी आ रही है। अगर पंजाब सरकार इस स्थल को चंडीगढ़ की लेक की तरह विकसित करने के बारे में सोच रही है तो उन्हें पार्किंग के लिए उचित कदम उठाने होंगे क्योंकि सर्दियों में आसपास के लोग जहां घूमने आते हैं।
कोट सिसवां डैम में दो महीने पहले ही बिजली कनेक्शन मिला है। इससे पहले बिजली विभाग की ओर से कनेक्शन में देरी हो रही थी। इस वजह से काम अटका हुआ था। अब कनेक्शन मिल गया है। जल्द ही वेबसाइट बनाकर शुरुआत की जाएगी। रही बात पार्किंग की तो गांव से पार्किंग के लिए जमीन मांगी है। इसका प्रस्ताव डाला है, मंजूरी मिलते ही यह काम भी हो जाएगा। -करमजीत सिंह, डीएफओ