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Chandigarh News: टेंडर एक्सपायर, स्मार्ट बोर्ड से ब्लैक बोर्ड पर लौटे छात्र

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चंडीगढ़। शिक्षा विभाग की ओर से 2016 में बच्चों को स्मार्ट शिक्षा देने के तहत नौ सरकारी स्कूलों के 200 कक्षाओं को स्मार्ट क्लासरूम में तब्दील किया गया था। स्मार्ट क्लासरूम बनाने के लिए टेंडर निजी कंपनी एक्सट्रा मार्क्स के साथ किया गया था। लेकिन पिछले 21 माह से स्कूलों में लगे स्मार्ट क्लासरूम में ई-कंटेट ही नहीं है। टेंडर एक्सपायर होने के कारण स्कूल कंटेट को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण स्मार्ट क्लासरूम के बावजूद बच्चों को सामान्य/ब्लैक बोर्ड से ही पढ़ाया जा रहा है।
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स्कूलों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले लगभग 21 माह से स्मार्ट क्लासरूम की व्यवस्था ठप्प पड़ी है। स्मार्ट बोर्ड के सॉफ्टवेयर ही अपडेट नहीं है, जिसके कारण ये बच्चों के किसी काम नहीं आ रहे हैं। इसको लेकर शिक्षा विभाग को कई बार सूचित किया गया है। वर्ष 2016 में एक्सट्रा मार्क्स की ओर से नौ स्कूलों में पहली से दसवीं कक्षा तक के क्लासरूम में स्मार्ट बोर्ड लगाए थे। इसके तहत प्रति स्कूल 20 से 28 स्मार्ट बोर्ड लगाए गए थे। इस दौरान स्कूलों में एलसीडी प्रोजेक्टर, कंप्यूटर और अन्य ऑडियो-विजुअल सुविधाओं के साथ स्मार्ट कक्षाएं शुरू करवाई गईं। जीएमएसएसएस-19, जीएमएसएसएस-35, जीएमएसएसएस-20, जीएमएसएसएस-18, जीएमएसएसएस-सारंगपुर, जीएमएसएसएस-26 टिंबर मार्केट, जीएचएस-सारंगपुर, जीएचएस-54 और जीएमएचएस-धनास के 200 कमरों को स्मार्ट कक्षाओं में तब्दील किया गया।
स्मार्ट कक्षाओं के ई-कंटेट को जल्द करेंगे रिन्यू : शहर के नौ स्कूलों की स्मार्ट कक्षाओं के ई-कंटेट को रिन्यू करने को लेकर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही बच्चों को स्मार्ट बोर्ड की सुविधाएं मिलनी शुरू होंगी। -हरसुहिंदरपाल सिंह बराड़, स्कूल शिक्षा निदेशक
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