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Chandigarh: बापूधाम के पास सुखना चो पर बने पुल से हटेगी अस्थायी पाइप लाइन, प्रशासन ने HC को दी जानकारी

Thu, 04 Jul 2024 02:03 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

9 व 10 जुलाई 2023 को चंडीगढ़ सहित आस-पास के क्षेत्र में भारी बारिश हुई थी। सुखना चो में इस दौरान बहुत अधिक पानी छोड़ दिया गया और बहाव में पीने के पानी की पाइप लाइन का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। तब प्रशासन व निगम ने अस्थायी रूप से 50 मीटर की पाइप लाइन बिछाई थी।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ के सेंट कबीर स्कूल से मनीमाजरा की ओर जाने वाली सड़क पर बापूधाम के पास बने पुल पर पानी की अस्थायी पाइप लाइन के कारण बड़े हादसे की आशंका जताते हुए दाखिल जनहित याचिका पर जवाब दाखिल करते हुए यूटी प्रशासन ने बताया है कि पाइप लाइन को एक माह में हटा दिया जाएगा। 

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वन विभाग से अनापत्ति मिलने के बाद काम शुरू कर दिया गया है। अब स्टील के स्थायी स्ट्रक्चर पर इस पाइप लाइन को रखा जाएगा। पंचकूला की एडवोकेट एडवोकेट शिवानी साहनी ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि 9 व 10 जुलाई 2023 को चंडीगढ़ सहित आस-पास के क्षेत्र में भारी बारिश हुई थी। सुखना चो में इस दौरान बहुत अधिक पानी छोड़ दिया गया और बहाव में पीने के पानी की पाइप लाइन का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। तब प्रशासन व निगम ने अस्थायी रूप से 50 मीटर की पाइप लाइन बिछाई थी और पुरानी लाइन को सहारा देने वाले पिलर टूटने के कारण इसे पुल से सहारा दिया गया था।

अस्थायी इंतजाम के बाद प्रशासन व निगम इसे भूल गए और इस पाइप का पूरा भार पुल पर है। इस पुल से पंचकूला, कालका व मनीमाजरा से चंडीगढ़ आने वाले हजारों वाहन गुजरते हैं। पुल संकरा है और यहां पर अक्सर जाम लगता है। पाइप लाइन पुल पर अंदर की तरफ है और ऐसे में साइकिल सवारों और पैदल चलने वालों की जान को खतरा बना रहता है। इस कारण अक्सर कुछ किलोमीटर का सफर घंटों का बन जाता है। 
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जुलाई में यह अस्थायी व्यवस्था की गई थी और करीब 9 माह बीत जाने के बावजूद अभी स्थायी पाइप लाइन के लिए कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है। पुल अच्छी स्थिति में भी नहीं है, ऊपर से इस पर पाइप लाइन का बोझ डाल दिया गया है। बारिश का मौसम शुरू हो गया है, यदि सही समय पर कदम नहीं उठाया गया तो यह पुल और पाइप लाइन बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। यह पाइप लाइन मनीमाजरा को पानी की सप्लाई करती है। 50 मीटर की इस अस्थायी पाइप लाइन को बरसात के मौसम से पहले बदला जाना चाहिए।

वन विभाग और प्रशासन ने पुल के निकट के स्थान का दौरा किया था, जहां पहले पिलर मौजूद थे। अब स्टील के स्ट्रक्चर पर न केवल मनीमाजरा की सप्लाई वाली 800 एमएम पाइप रखी जाएगी बल्कि साथ ही किशनगढ़ के लिए मंजूर 450 एमएम की पाइप भी इसी स्ट्रक्चर पर जाएगी।

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