जिला कोर्ट ने आईईटी भद्दल कॉलेज के ट्रस्ट को जाली दस्तावेज लगाकर जमीन बेचने के मामले में एक तहसीलदार समेत छह लोगों को तीन-तीन साल की कैद की सजा सुनाई है। दोषियों को चालीस-चालीस हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है।
जानकारी के मुताबिक गांव सरहाली (मियांपुर) की आठ कनाल जमीन फर्जी दस्तावेज बनाकर आईईटी भद्दल के कंडी फ्रेंड्स एजुकेशनल ट्रस्ट को बेची गई थी। एएसआई बचन दास के बयान पर रोपड़ सदर पुलिस स्टेशन में 13 दिसंबर 2001 को दस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। मामले में तत्कालीन तहसीलदार रमेश वर्मा, पटवारी जसवीर सिंह, हाकम सिंह निवासी भड़ी, दीदार सिंह, जोगिंदरपाल सिंह, सुरजीत सिंह निवासी समाणा खुर्द, मेवा सिंह निवासी भोले कालेवाल, सुच्चा सिंह संतोखगढ़ टप्परियां, अमर सिंह निवासी ठौणा और कंडी फ्रेंड्स एजुकेशनल ट्रस्ट के स्व. चेयरमैन गुरचरण सिंह को आरोपी बनाया गया था।
जमीन के मालिक नानक चंद की मौत के बाद उसके परिवार ने एएसआई बचन दास को जमीन की पावर ऑफ अटार्नी दी थी। शिकायतकर्ता ने बयान दिए थे कि जोगिंदर सिंह ने फर्जी कागज बनाकर नानक चंद निवासी गांव सरहाली (मियांपुर) की जमीन को ट्रस्ट को बेच दिया है। आगे तहसीलदार और पटवारी ने जमीन का इंतकाल पिछली तिथि के रिकार्ड में दर्ज कर दिया था। इसी मामले में अदालत ने तहसीलदार रमेश वर्मा, पटवारी जसवीर सिंह, हाकम सिंह, सुरजीत सिंह, मेवा सिंह, सुच्चा सिंह को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल की सजा और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि मुख्य आरोपी जोगिंदरपाल सिंह समेत अमर सिंह और गुरचरण सिंह (स्व. चेयरमैन कंडी फ्रेंड्स एजुकेशन ट्रस्ट) की मौत हो चुकी है। एक आरोपी दीदार सिंह को बरी कर दिया गया है।