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Chandigarh News: अपराध के दलदल में फंस रहे किशोर, हर साल अपराधों में नाबालिगों की संख्या बढ़ रही

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चंडीगढ़। शहर में पिछले 5 साल से अपराधों में किशोरों की संख्या बढ़ती जा रही है। चंडीगढ़ पुलिस ने बच्चों को अपराध से दूर रखने और उनके भविष्य को देखते हुए ऑपरेशन तेजस शुरू किया है। इसके तहत बच्चों के लिए स्पोर्ट्स एक्टिविटी करवाई जा रही हैं, ताकि उनका ध्यान खेल में रहे।
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एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि तीन साल में अपराधों में किशोरों की संख्या बढ़ी है। बच्चों की परवरिश में माता-पिता की भूमिका सबसे अहम है। बच्चे को स्कूल भेजने से लेकर घर आने तक उसकी सभी गतिविधियों और संगत पर नजर रखें। अगर उनके व्यवहार में बदलाव महसूस हो तो डॉक्टर की सलाह लें। अगर बच्चे नशा करते हैं तो उनमें बदलाव नजर आ जाता है। जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लें।
एसएसपी ने बताया कि तीन साल में साढ़े 350 से अधिक नाबालिग गिरफ्तार हो चुके हैं। पिछले 5 साल से अपराध में नाबालिगों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। 2020 में 78 किशोरों को गिरफ्तार किया था। यह संख्या 2021 में 83, 2022 में 116 और 2023 में बढ़कर 151 हो गई। पुलिस ने छह साल की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के आरोप में एक 12 वर्षीय किशोर को भी गिरफ्तार किया था।
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दुष्कर्म और हत्या के केसों में भी शामिल

साल 2020 से 2024 सितंबर तक पुलिस ने दुष्कर्म के लिए 34, हत्या के लिए 22 और हत्या के प्रयास के लिए 27 नाबालिगों को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि उन्होंने नशे के कारण वारदात को अंजाम दिया गया। चंडीगढ़ पुलिस बच्चों को अपराध से बचाने को लेकर लगातार जागरूक भी करती रहती है, लेकिन इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिल रहा है।



वर्ष कितने नाबालिग पकड़े


2020 78

2021 83

2022 116

2023 151



बच्चे की कंपनी पर निर्भर करता है सब : एसएसपी

एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि अपराध करने वालों में देखा गया कि किसी बच्चे ने स्कूल छोड़ दिया तो को दोबारा स्कूल में लाने की न तो स्कूल ने कोशिश की और न ही परिवार वालों ने। इसके अलावा बच्चे की कंपनी पर भी बहुत कुछ निर्भर करता है। अगर कंपनी क्राइम कर रही है तो बच्चा भी ऐसा ही हो जाता है।
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