चंडीगढ़। नेशनल कैनोइंग मैराथन के लिए शहर के रोइंग खिलाड़ियों का चयन हो गया है। ट्रायल के बाद कुल 9 खिलाड़ी चुने गए हैं। इनमें 2 लड़कियां और 7 लड़के शामिल हैं।
नेशनल कैनोइंग मैराथन का आयोजन भोपाल में 16 से 18 जनवरी को किया जाना है। इसके लिए सुखना लेक पर खिलाड़ियों के लिए कैंप की शुरुआत हो चुकी है। खिलाड़ी सुबह और शाम चैंपियनशिप की तैयारियों में जुट गए हैं। लॉकडाउन के बाद पहली बार हो रही नेशनल कैनोइंग मैराथन चैंपियनशिप शहर के खिलाड़ियों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि खिलाड़ियों को महीनों बाद खेलने का मौका मिला है। इस चैंपियनशिप के जरिए वे न केवल अपनी फिटनेस परख पाएंगे, बल् िमेडल जीतकर आत्मविश्वास भी बढ़ा पाएंगे।
14 जनवरी को रवाना होगी टीम
नेशनल कैनोइंग मैराथन चैंपियनशिप के लिए चंडीगढ़ टीम के चयन के लिए ट्रायल की प्रक्रिया रखी गई थी। इसके बाद सुखना लेक पर ट्रायल लिए गए। ट्रायल में खिलाड़ियों के लिए कई चुनौतियां रखी गई थीं। नौ खिलाड़ियों ने चुनौती को पार करके चंडीगढ़ की टीम में जगह बनाई। टीम 14 जनवरी को भोपाल के लिए रवाना होगी।
कई महीनों बाद पानी में उतरे
टीम में शामिल हुए डीएवी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष के छात्र अनमोल ने कहा कि लॉकडाउन के बाद जब वह कई महीनों बाद अपनी किश्ती के जरिए पानी में उतरे तो काफी खुशी हुई। पहले कुछ दिन तो काफी परेशानी हुई, लेकिन उसके बाद परिस्थितियां ठीक होने लगीं। अब चैंपियनशिप पर फोकस है।
जीत का जज्बा लेकर जाएंगे
टीम में चुने गए डीएवी कॉलेज के करन कंबोज ने कहा कि वह अपनी टीम के अन्य सहयोगियों के साथ जीत का जज्बा लेकर चैंपियनशिप में हिस्सा लेने जा रहे हैं। पहली चुनौती ट्रायल में बेहतर करना और दूसरी टीम में जगह बनाने की थी।
लॉकडाउन के बाद पहली चैंपियनशिप
नेशनल टीम में शामिल हुए डीएवी कॉलेज के छात्र कंवलजीत सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के बाद यह पहली चैंपियनशिप है। यह काफी चुनौतीपूर्ण है। हमें कैंप में कड़ी मेहनत करते हुए चैंपियनशिप में मेडल जीतने होंगे।
क्या कहते हैं कोच
कोच दीपक कुमार ने बताया कि ट्रायल के बाद बेहतर करने वाले खिलाड़ियों को टीम में जगह दी गई है। कोरोना महामारी के चलते खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पाए थे, पर इसके बावजूद टीम के खिलाड़ियों को मनोबल ऊंचा है।