चंडीगढ़ शिक्षा विभाग शिक्षकों की भर्ती के लिए फिर से नियमों में बदलाव करने की तैयारी में है। प्राइवेट एजेंसी से शिक्षकों की भर्ती में घोटाला सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया है। जानकारी अनुसार भविष्य में शिक्षकों की भर्ती शिक्षा विभाग अपने स्तर पर ही करेगा। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की भर्ती की नई प्रक्रिया अपनाने के लिए यूटी प्रशासन को प्रपोजल भेजने का फैसला लिया है। जानकारी अनुसार भविष्य में होने वाली शिक्षकों की भर्ती में लिखित परीक्षा भी खत्म करने की तैयारी है।
2008 की शिक्षक भर्ती में इंटरव्यू में घोटाले के बाद 2015 की भर्ती में इंटरव्यू प्रक्रिया पहले ही खत्म की जा चुकी है। जानकारी अनुसार भविष्य में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगा। आवेदन फार्म भरने से लेकर अप्वाइंटमेंट लेटर तक कैंडीडेट्स को घर बैठे मिलेगा। शिक्षा विभाग भविष्य में करीब 300 शिक्षकों की भर्ती करने की तैयारी में था। जिसे पुरानी प्रक्रिया के तहत ही करना था, लेकिन कुछ समय पहले ही 2015 की शिक्षक भर्ती घोटाले के बाद अधिकारियों ने नई प्रक्रिया से नियुक्ति करने का प्रपोजल तैयार किया है।
जानकारी अनुसार नई भर्ती प्रक्रिया में कैंडीडेट्स का एकेडमिक रिकार्ड और सीबीएसई के सेंट्रल टीचर एलिजिबिल्टी टेस्ट(सीटीईटी) को आधार बनाकर मेरिट तैयार की जाएगी। शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी भविष्य में सिर्फ सीटीईटी अंकों की मेरिट के आधार पर शिक्षकों की भर्ती करने के पक्ष में है। लेकिन अंतिम फैसला शिक्षा सचिव से परामर्श के बाद ही होगा।
करोड़ों दिए प्राइवेट एजेंसी को फिर भी घोटाला
चंडीगढ़ प्रशासन शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती में घोटाले रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। 2008 और फिर 2015 में शिक्षकों की दोनो भर्तियों में घोटाला उजागर हो चुका है। शिक्षकों को पारदर्शी भर्ती के लिए शिक्षा विभाग ने पंजाब यूनिवर्सिटी की एजेंसी की मदद ली, जिसके लिए करीब एक करोड़ फीस दी गई। लेकिन भर्ती में फिर भी घोटाला हो गया।