बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। चंडीगढ़ के एसएसपी कुलदीप सिंह चहल खुद वहां मौजूद रहे। यहां से आगे न बढ़ पाने के कारण अध्यापक वहीं धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कई बार पुलिस और शिक्षकों के बीच टकराव के हालात पैदा हुए।
इस मौके पर चंडीगढ़ के एसएसपी कुलदीप सिंह चहल, मोहाली के एसपी हरविंदर सिंह विर्क, डीएसपी दीप कमल और एसडीएम जगदीप सहगल ने शिक्षकों को शांत करने का प्रयास किया लेकिन शिक्षक अपनी जिद पर अड़े रहे। इन अधिकारियों ने राज्य सरकार के आला अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क कर गुरुवार को बैठक का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद शाम चार बजे शिक्षकों ने धरना समाप्त किया। अगुवाई कर रहे दविंदर सिंह संधू, हरप्रीत कौर जालंधर, सतिंदर सिंह कंग और अजमेर सिंह औलख ने कहा कि सरकार लंबे समय से उनकी मांगों को टालती आ रही है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आज होगी शिक्षकों की मुख्यमंत्री के सचिव से बैठक
कच्चे शिक्षकों की गुरुवार को 11 बजे शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला, मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुरेश कुमार, शिक्षा सचिव और वित्त सचिव के साथ बैठक होगी। इन्हीं अधिकारियों के साथ 7 जुलाई को भी कच्चे शिक्षकों की बैठक हुई थी। जिसमें उनकी मांगों को कैबिनेट की बैठक में रखकर मंजूर करवाने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन सरकार में चल रही उठापटक के चलते कैबिनेट की बैठक नहीं हो सकी। दविंदर सिंह संधू ने कहा कि गुरुवार की बैठक में कोई ठोस हल नहीं निकला तो राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्रियों और पंजाब कांग्रेस की नवगठित टीम, जिसमें पंजाब प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू और चार अन्य कार्यकारी अध्यक्षों के घरों का घेराव शुरू किया जाएगा।