चंडीगढ़ में टॉवर पर चढ़कर बैठे दो टीचर्स
टावर पर चढ़े शिक्षकों के मामले में सख्त तेवर अपना चुके हाईकोर्ट का दिल एक फरियाद पर पसीज गया। फरियाद ही कुछ ऐसी थी। ‘मैंने टावर पर चढ़े दोनों शिक्षकों को कोर्ट के आदेशों के बारे में बताया तो नियुक्ति पत्र पाने वाला राकेश नीचे उतर आया परंतु दूसरा शिक्षक दीपक बिलख-बिलख कर रोने लगा। उसने कहा कि ऐने दिनां तों टावर उत्ते हां, जवाकां नूं की मूंह वखावांगा, खाली हत्थ किवें आ गया।’
कोर्ट द्वारा नियुक्त की गई अमिकस क्यूरी ने टावर पर चढ़े दूसरे शिक्षक दीपक के बारे में जब हाईकोर्ट को बताया तो अदालत का दिल पसीज गया और याचिका पर आगे सुनवाई जारी रखने का निर्णय ले लिया गया। बता दें कि इससे पूर्व मंगलवार को हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि अगर शिक्षक नीचे नहीं उतरे तो इस याचिका पर आगे सुनवाई नहीं होगी।
बुधवार को सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट ने नियुक्ति पत्र मिलने के बाद टावर से उतर कोर्ट में उपस्थित हुए एक शिक्षक राकेश से पूछा कि टावर पर चढ़कर मांग पूरी करने के लिए दबाव बनाना कहां तक सही है। जिस स्कूल में नियुक्ति मिली है, क्या वहां के बच्चों को भी यही पाठ पढ़ाओगे। राकेश ने अपनी मजबूरी के साथ-साथ दीपक की मनोस्थिति के बारे में भी बताया।