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CM के पैतृक गांव में टंकी पर चढ़े बेरोजगार टीचर्स, जूते से पीया पानी

Thu, 08 Sep 2016 09:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बादल/लंबी (मुक्तसर)
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पंजाब में टीचर्स ने अपनाया विरोध करने का अनोखा तरीका - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पैतृक गांव बादल में पानी की टंकी पर चढ़े हुए बेरोजगार ईटीटी अध्यापकों ने अनोखे ढंग से विरोध जताया। प्यास लगने पर इन्होंने टंकी में से जूतों से पानी निकालकर पिया।
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तीनों बेरोजगार ईटीटी अध्यापकों ने मंगलवार शाम से मरणव्रत शुरू कर दिया है। ये तीनों बेरोजगार अध्यापक मांगों के लिए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के साथ बैठक कराने और पुख्ता आश्वासन मिलने पर ही टंकी से उतरने की बात कह रहे हैं।

उधर, पुलिस ने गिरफ्तार किए गए नौ बेरोजगार अध्यापकों समेत उक्त तीन टंकी पर चढे़ अध्यापकों पर भी मामला दर्ज कर लिया है। इन अध्यापकों पर सरकारी ड्यूटी में विघ्न डालने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आत्महत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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9 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, 3 टंकी पर चढ़ गए

पंजाब में टीचर्स ने अपनाया विरोध करने का अनोखा तरीका - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को अचानक करीब 12 अध्यापक नेता पानी की टंकी पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान नौ अध्यापकों को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। मगर तीन अध्यापक टंकी पर चढ़ने में कामयाब हो गए। इस दौरान एक महिला अध्यापक तारों में उलझ कर चोटिल भी हो गई थी।

मंगलवार दिन भर सुलेंद्र कुमार मुक्तसर, दीपक कुमार मानसा और राकेश कुमार पटियाला टंकी पर ही डटे रहे। पुलिस गिरफ्तार किए अध्यापकों को अदालत में पेश किया। इनके नाम हैं हिमांशु (पटियाला), राजीव (गुरदासपुर), गुरमुख सिंह (पटियाला), हरदीप सिंह (मानसा), गुरमीत कौर (लंबी), सुखवीर कौर (बठिंडा), जतेन्द्र कौर (बठिंडा), हरप्रीत कौर (बठिंडा)। ऐसे 12 टीचरों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

 
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प्रशासन ने कहा- हादसे के डर से टंकी खाली करवाई

पंजाब में टीचर्स ने अपनाया विरोध करने का अनोखा तरीका - फोटो : अमर उजाला
वाटर सप्लाई डिपार्टमेंट के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर जसवीर सिंह का कहना है कि टंकी पर चढ़ा हुआ व्यक्ति परेशान होकर पानी की टंकी में छलांग न लगा दे, इसलिए पानी खाली करवाया गया है।

गांव में दो टंकियां हैं, दूसरी से सप्लाई करेंगे। मलोट के एसडीएम विशेष सारंगल का कहना है कि मैं विरोध कर रहे टीचर्स के लिए खाने-पीने की चीजें लाई गईं थीं, लेकिन उन्होंने नहीं ली।

एसडीएम ने बताया कि टीचर्स ने सीएम से बैठक करवाने की शर्त रखी थी, जिस पर उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि बैठक करवा दी जाएगी। इस बारे में सीएम ऑफिस बात कर 9 सितंबर शाम को 5 बजे बैठक तय कर दी गई है। फिर भी टीचर्स नहीं मान रहे हैं।
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