निजी प्रकाशकों से गिफ्ट में मिली कुछ गाइडों के चक्कर में सरकारी स्कूलों के टीचर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। पाठ्य पुस्तकों की जगह विद्यार्थियों को गाइड से पढ़ाया जा रहा है। जिससे सही ढंग से पढ़ाई नहीं हो पा रही है। शिक्षा विभाग तक भी यह बात पहुंच गई है।
जिसके बाद विभागीय सचिव कृष्ण कुमार ने सभी प्रिंसिपल को सख्त निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा सचिव ने सभी प्रिंसिपल को आगाह किया है कि अगर निरीक्षण के दौरान किसी भी स्कूल में टीचर निजी प्रकाशक की गाइड से बच्चों को पढ़ाता मिला तो टीचर के साथ-साथ प्रिंसिपल पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग की जानकारी में आया है कि प्रकाशक कुछ गाइड प्रिंसिपल और टीचरों को बतौर गिफ्ट दे जाते है। जिसके चलते टीचर उसी गाइड से बच्चों को पढ़ाने को तरजीह देते हैं। विभाग की जानकारी में आया है कि बहुत से स्कूलों में टीचर निजी प्रकाशकों की गाइड से ही पढ़ा रहे हैं, जिससे बच्चों का नुकसान हो रहा है। उनकी पढ़ाई सही ढंग से नहीं हो रही है।
शिक्षा सचिव ने हिदायत दी है कि कोई भी प्रिंसिपल अपने स्कूल में बच्चों को निजी प्रकाशकों की गाइड न लगवाए। अगर चेतावनी केबाद भी ऐसा मिला तो उनके और टीचर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अब तक स्कूलों में नहीं पहुंची किताबें
चंडीगढ़। पिछले सेशन में काफी फजीहत कराने के बाद भी शिक्षा विभाग ने सबक नहीं लिया है। जुलाई आधे से ज्यादा बीत चुका है, लेकिन अब तक बहुत से स्कूलों में पूरी किताबें नहीं पहुंची हैं। इसकी शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को तुरंत किताबें पहुंचाने की हिदायत दी है। विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि प्रिंसिपल्स के साथ मीटिंग में यह सामने आया है कि बहुत से स्कूलों में अब तक किताबें नहीं पहुंची हैं। जबकि, ये गर्मी की छुट्टियों से पहुंचनी चाहिए थीं।
ज्यादा समस्या इंग्लिश मीडियम सेक्शन वाले स्कूलों में आ रही है। सभी डीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिले के हर प्रिंसिपल से फोन पर संपर्ककरेंगे। जहां से भी किताबों की डिमांड होगी, तुरंत पहुंचाना यकीनी बनाएंगे। डीईओ को अगली मीटिंग में इस संबंधी रिपोर्ट देने को कहा गया है।