बटाला में पूतला फूंकते अध्यापक
अध्यापकों ने फूंका सरकार का पुतला
बटाला में सांझा अध्यापक मोर्चा की अगुवाई में डेरा बाबा नानक के अध्यापकों ने मांगों को लेकर पंजाब सरकार का पुतला जलाकर रोष प्रदर्शन किया। इससे पूर्व एक रोष रैली निकाली गई, जो विभिन्न बाजारों से होती हुई डेरा बाबा नानक बस स्टैंड में संपन्न हुई, जहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। शिक्षक नेता सोम सिंह, गुरमीत सिंह बाजवा, उपकार सिंह, पलविंदर सिंह, संतोख सिंह, कुलदीप पूरेवाल नेअध्यापकों के वेतन में की गई कटौती की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा कि एसएसए/ रमसा, 5178, अध्यापकों की 10 साल की सर्विस के बाद पक्के करने के नाम पर 75 प्रतिशत वेतन घटाकर सरकार अध्यापकों के घरों के चूल्हे ठंडे करने जा रही है। शिक्षा प्रोवाइडर, ईजीएस, एसटीआर आदि कच्चे अध्यापकों को पक्के नहीं किया जा रहा। इसके अलावा डीए की किश्तों का बकाया, छठे पे कमीशन की रिपोर्ट जारी नहीं की जा रही है। एक जनवरी 2004 के बाद भर्ती मुलाजिमों पर पुरानी पेंशन प्रणाली न लागू करके धक्का किया जा रहा है। इस अवसर पर दिलदार, सलविंदर कुमार, रुपिंदरजीत कौर, अमन, गुरप्रीत रंगीलपुर, सुभाष चंद्र, रछपाल कुमार, हरजिंदर भुल्लर, जगजीत कौर, निधि शर्मा मौजूद थीं।
सरकार साजिशन सरकारी स्कूलों को बर्बाद करने पर तुली
अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सरकारी टीचरों की आम आदमी पार्टी ने हिमायत की है। पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा की अगुवाई में राज्यपाल को इस संबंध में मांगपत्र दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार साजिशन सरकारी स्कूलों को बर्बाद करने पर तुली है। सूबे की स्कूल शिक्षा प्रणाली पूरी तरह तबाह हो चुकी है। उन्होंने मांग की कि पंजाब सरकार को भी दिल्ली की तर्ज पर शिक्षा का बजट बढ़ाने का निर्देश दिया जाए।
दल ने पंजाब में छह हजार से ज्यादा असुरक्षित घोषित किए गए कमरों का मुद्दा भी उठाया। बाद में मीडिया से बातचीत में आप नेताओं ने कहा कि टीचरों का वेतन घटाने के फैसले ने उनका मनोबल गिरा दिया है। इसे वापस लेकर उनका सम्मान बहाल किया जाना चाहिए। उन्हें बिना शर्त पूरे वेतन के साथ शिक्षा विभाग के अधीन किया जाना चाहिए। दल में सरबजीत कौर माणुके, अमन अरोड़ा. प्रिंसिपल बुध राम भी थे।