टीचर भर्ती मामले में मंगलवार को एसआईटी ने गिरफ्तार तीन आरोपियों बृजेंद्र नैन, संदीप और संपूर्ण सिंह को रिमांड अवधि समाप्त होने पर जिला अदालत में पेश किया।
पुलिस ने संपूर्ण सिंह का 3 दिन का पुलिस रिमांड मांगा। अदालत ने बचाव पक्ष और सरकारी वकील की दलील सुनने के बाद संपूर्ण सिंह को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। वहीं बृजेंद्र नैन व संदीप को न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेज दिया।
इससे पहले सरकारी वकील ने पुलिस रिमांड के लिए आधार बनाते हुए अदालत को बताया कि पुलिस संपूर्ण सिंह को लखनऊ ले गई थी। वहां उसकी निशानदेही पर कुछ आरोपियों की पहचान हुई है।
अब उन्हें संपूर्ण को दिल्ली स्थित नरेला ले जाकर वहां से मामले के मास्टर माइंड मिथिलेश पांडे उर्फ गुरुजी को गिरफ्तार करना है। संपूर्ण सिंह पेपर से कुछ दिन पहले 8 लोगों के साथ करीब 70 लाख रुपये लेकर दो गाड़ियों से गुरुजी के पास गया था। उसके साथ सतिंदर हुड्डा और बानिया नामक शख्स भी साथ गए थे।
संदिग्ध टीचर स्कूल से छु़ट्टी लेकर हुए अंडरग्राउंड
Jail
पुलिस की दलील
पुलिस ने अदालत को बताया कि सतिंदर हुड्डा को भी गिरफ्तार करना है। हालांकि उसे पुलिस टीम ने रोहतक के गांव सांपला के पास से दबोच लिया था, लेकिन उसके चार साथियों ने पुलिस टीम पर हमला कर उसे छुड़ा लिया था।
इस संबंध में स्थानीय थाने में एफआईआर भी दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने अदालत को दी। इसके अलावा पुलिस को संपूर्ण से सतिंदर हुड्डा, उसकी पत्नी पूनम (सरकारी टीचर), पिंकी, नरेंद्र के अलावा कई अन्य कैंडीडेट टीचरों को आइडेंटिफाई करवाना है।
वहीं बचाव पक्ष ने पुलिस रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि संपूर्ण को पुलिस ने 6 नवंबर से गिरफ्तार किया है, जबकि उसकी गिरफ्तारी 9 नवंबर को दिखाई गई है।
इसके बावजूद पुलिस अब तक उससे न तो कोई रिकवरी दिखा पाई है और न ही किसी और की गिरफ्तारी कर पाई है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद संपूर्ण को 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
टीचर हुए अंडरग्राउंड
पुलिस ने मामले में अन्य गिरफ्तारियां न होने पर अदालत को बताया कि संदिग्ध टीचर स्कूलों से छुट्टी लेकर अंडरग्राउंड हो चुके हैं। कई जगह टीचरों से पूछताछ के लिए पुलिस टीम पहुंची तो पता चला कि कोई टीचर कई दिन से लीव पर हैं तो कोई बिना बताए छुट्टी पर चल रहा है। इसके अलावा कई टीचर तो मेडिकल लीव लेकर अंडरग्राउंड हो चुके हैं।