टीचर भर्ती घोटाले में आरोपी शहर के तीन सरकारी टीचरों को जिला अदालत से राहत नहीं मिल पाई है। अदालत ने तीनों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। ये तीनों शहर के सरकारी स्कूलों में तैनात हैं।
इससे पहले घोटाले की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने अदालत में दाखिल जवाब में तीनों को अग्रिम जमानत का लाभ न देने की अपील की थी। एसआईटी ने टीचर भर्ती मामले में बृजेंद्र नैन और संपूर्ण सिंह की गिरफ्तारी के बाद सेक्टर-21 स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के टीचर संदीप कुमार को गिरफ्तार किया था।
सरकारी टीचरों में यह पहली गिरफ्तारी थी। इसके बाद से टीचरों में हड़कंप मच गया था। संदीप की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की संदिग्ध 25 कैंडीडेट टीचरों की लिस्ट में शामिल मनमोहन, नवीन मलिक और सोनिका ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी।
इसमें तीनों की ओर से कहा गया था कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस उन्हें मामले में झूठा फंसा रही है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने याचिका पर पुलिस को नोटिस कर जवाब दाखिल करने को कहा था।
एसआईटी की ओर से मामले में दाखिल जवाब में कहा गया था कि संपूर्ण सिंह ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया था कि सोनीपत निवासी जेबीटी टीचर नवीन मलिक उसके पास पांच टीचरों को लाया था। इसके बाद पुलिस ने नवीन को मामले में आरोपी बनाया था।
पुलिस का कहना था कि अभी मामले में जांच चल रही है। कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो रही है और कई फरार चल रहे हैं। ऐसे में अगर इन्हें अग्रिम जमानत का लाभ दिया गया तो आरोपी मामले की जांच प्रभावित कर सकते हैं।
साथ ही गवाहों पर इसका असर पड़ेगा। इसलिए आरोपियों की गिरफ्तारी जरूरी है। अदालत ने पुलिस का जवाब और दोनों पक्षों की बहस के बाद तीनों आरोपियों को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया। साथ ही उनकी याचिका खारिज कर दी।