पिछले छह महीने से वेतन न मिलने और मुख्यमंत्री की तरफ से पैनल मीटिंग के लिए समय न देने के रोष स्वरुप रविवार को शिक्षा प्रोवाइडर अध्यापक यूनियन पंजाब के पांच नेता दीनानगर में पानी की टंकी पर चढ़ गए। टंकी पर चढ़ने वाले नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी खुद आकर उनकी मांगों को नहीं मानती, वह टंकी से नीचे नहीं उतरेंगे।
उनके जानी नुकसान की जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। टंकी पर चढ़ने वाले नेताओं में संगठन के प्रदेश कन्वीनर परमजीत सिंह, प्रांतीय नेता अनुभव गुप्ता, जगप्रीत सिंह कैला, शाम लाल पठानकोट और जगतार सिंह होशियारपुर शामिल थे।
इसके अलावा प्रांतीय कनवीनर चंद्रशेखर नवांशहर और जिला गुरदासपुर के प्रधान अमनदीप सिंह की अध्यक्षता में बाकी अध्यापकों ने बस स्टैंड पर धरना लगाए रखा। संगठन के प्रांतीय नेता सुबह करीब 8 बजे टंकी पर जा चढ़े। संगठन के साथ जुड़े गुरदासपुर, पठानकोट और होशियारपुर जिलों के अध्यापक उनके समर्थन में टंकी के नीचे बस स्टैंड पर इकट्ठे हो गए।
सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में अफरातफरी मच गई। नायब तहसीलदार प्रेम कुमार, एएसपी वरुण शर्मा और एसएचओ बलदेव राज शर्मा मौके पर पहुंचे और टंकी पर चढ़े अध्यापकों को नीचे उतारने के लिए प्रयास करने लगे। शिक्षा मंत्री के न आने के बाद दोपहर को बस स्टैंड पर धरना दे रहे अध्यापक रोष मार्च करते हुए शिक्षा मंत्री के गांव अवांखा में स्थित रिहायश पहुंचे और प्रदर्शन किया।