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शिक्षा मंत्री के हलके में टंकी पर चढ़े अध्यापक, 9 घंटे के ड्रामे में महिला अध्यापक बेहोश

Mon, 12 Jun 2017 09:15 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, गुरदासपुर(पंजाब)
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टंकी पर चढ़े शिक्षक - फोटो : अमर उजाला
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पिछले छह महीने से वेतन न मिलने और मुख्यमंत्री की तरफ से पैनल मीटिंग के लिए समय न देने के रोष स्वरुप रविवार को शिक्षा प्रोवाइडर अध्यापक यूनियन पंजाब के पांच नेता दीनानगर में पानी की टंकी पर चढ़ गए। टंकी पर चढ़ने वाले नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी खुद आकर उनकी मांगों को नहीं मानती, वह टंकी से नीचे नहीं उतरेंगे।
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उनके जानी नुकसान की जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। टंकी पर चढ़ने वाले नेताओं में संगठन के प्रदेश कन्वीनर परमजीत सिंह, प्रांतीय नेता अनुभव गुप्ता, जगप्रीत सिंह कैला, शाम लाल पठानकोट और जगतार सिंह होशियारपुर शामिल थे।

इसके अलावा प्रांतीय कनवीनर चंद्रशेखर नवांशहर और जिला गुरदासपुर के प्रधान अमनदीप सिंह की अध्यक्षता में बाकी अध्यापकों ने बस स्टैंड पर धरना लगाए रखा। संगठन के प्रांतीय नेता सुबह करीब 8 बजे टंकी पर जा चढ़े। संगठन के साथ जुड़े गुरदासपुर, पठानकोट और होशियारपुर जिलों के अध्यापक उनके समर्थन में टंकी के नीचे बस स्टैंड पर इकट्ठे हो गए।
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सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में अफरातफरी मच गई। नायब तहसीलदार प्रेम कुमार, एएसपी वरुण शर्मा और एसएचओ बलदेव राज शर्मा मौके पर पहुंचे और टंकी पर चढ़े अध्यापकों को नीचे उतारने के लिए प्रयास करने लगे। शिक्षा मंत्री के न आने के बाद दोपहर को बस स्टैंड पर धरना दे रहे अध्यापक रोष मार्च करते हुए शिक्षा मंत्री के गांव अवांखा में स्थित रिहायश पहुंचे और प्रदर्शन किया। 
 
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नौ घंटे बाद टंकी से उतरे अध्यापक

धरने पर बैठे शिक्षक - फोटो : अमर उजाला
नायब तहसीलदार प्रेम कुमार ने शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी के साथ बातचीत करने के बाद अध्यापक नेताओं को भरोसा दिलाया कि चार जुलाई को उनकी मुख्यमंत्री के साथ पैनल मीटिंग करवा दी जाएगी और छह महीने से रुके वेतन एक सप्ताह में जारी करवा दिए जाएंगे। आश्वासन के बाद नौ घंटे से संघर्ष कर रहे अध्यापक टंकी से नीचे उतरे।

धरने के दौरान बेहोश हुई महिला अध्यापक
अध्यापकों का संघर्ष करीब नौ घंटे तक चला और उन्होंने पहले बस स्टैंड पर और फिर रोष मार्च करते हुए शिक्षा मंत्री की रिहायश पर जाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान भीषण गर्मी के चलते एक महिला अध्यापक नवप्रीत कौर निवासी काहनूवान बेहोश होकर गिर पड़ी। उसको साथी अध्यापकों ने प्राथमिक सहायता दी और वह काफी देर बाद नार्मल हुई।
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