चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को पार्किंग के लिए हुए खूनी संघर्ष में टैक्सी चालकों के खिलाफ लगाई गईं 506 और 427 की अतिरिक्त धाराएं पुलिस के लिए मुसीबत बन गईं।
टैक्सी चालकों ने सवारी छोड़ने वाले ऑटो चालकों को पुलिस फोर्स की मौजदूगी में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इतना ही नहीं स्टेशन परिसर में करीब तीन घंटे सैकड़ों टैक्सी चालक तलवारें, हॉकी, स्टिक, लाठी और डंडे लहराते हुए नारेबाजी करते रहे। घटना के दूसरे दिन टैक्सी चालकों ने इसे दो राज्यों का विवाद घोषित कर दिया।
उन्होंने कहा कि वह स्टेशन पर यूपी के ऑटो चालकों की मनमर्जी किसी भी सूरत में नहीं चलने देंगे। हालांकि दूसरे दिन हरियाणा और चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन के भी तेवर सख्त दिखे। इसके चलते टैक्सी चालकों को जिद से पीछे हटना पड़ा। शनिवार को सुबह साढ़े 9 बजे के बाद दिनभर रेलवे स्टेशन परिसर में टैक्सी चालक हरियाणा पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। वह मांग करते रहे कि थाने में घुसकर हमला करने वाले ऑटो चालक गिरफ्तार किए जाएं।
इसके अलावा टैक्सी चालकों पर लगाई गई आईपीसी की धारा 506, 427 को हटाने की मांग करते रहे। अंत में जीआरपी डीएसपी ने टैक्सी चालकों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। फिर टैक्सी चालक शांत हुए।