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'टैक्स चुकाने के बावजूद नहीं मिलती सुविधाएं'

Wed, 01 Jan 2014 06:45 PM IST
अमर उजाला, पंचकूला
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इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1...। यहां कई औद्योगिक इकाइयां हैं। बड़े-बड़े इन उद्योगों से सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व मिलता है, लेकिन बदले में उन्हें जरूरी सुविधाएं भी मुहैया नहीं हो पा रही हैं।
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वह चाहे सड़कों की बात हो या स्ट्रीट लाइट की या फिर कई अन्य जरूरी सुविधाएं...। हर तरफ इंतजार, इंतजार और सिर्फ इंतजार...।

हालात ऐसे हैं कि पिछले पांच साल से सड़क की मरम्मत तक नहीं हुई। नगर निगम की दो बार हुई हाउस मीटिंग में यह मुद्दा जोर-शोर से गर्माया, लेकिन नतीजा मीटिंग होने के दो माह गुजरने वाले हैं और आज भी सड़कों की बदहाली ही दिख रही है।

उद्यमियों का कहना है कि सड़कें तो बदहाल हैं ही, पानी निकासी के लिए जगह नहीं होने के कारण और भी दिक्कतें रही हैं।

हर साल उद्यमी बिजली बिल और हाउस टैक्स पर तकरीबन एक करोड़ रुपये का सरकार को राजस्व देते हैं, लेकिन इंडस्ट्रियल एरिया के विकास पर कारपोरेशन एक रुपया खर्च करने को तैयार नहीं है।
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- सीबी गोयल, उद्यमी, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1

पिछले पांच सालों से इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की सड़कों की स्थिति और बिगड़ गई है। सड़कों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है तो गाड़ियां कैसे गुजरती होंगी, यह तो सभी समझते हैं।
- आशीष मित्तल, उद्यमी, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1

इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में ड्रेनेज सिस्टम की उचित व्यवस्था के साथ-साथ मुख्य सड़कों का निर्माण बेहद जरूरी है। जिन कांट्रैक्टर को सड़कों का कांट्रैक्ट दिया जाए, उन्हें पांच वर्षों तक सड़कों की रिपेयरिंग की जिम्मेदारी भी दी जाए।
- विष्णु गोयल, उद्यमी, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1

जो नई सड़कें बनी हैं, वे भी टूटने लगी हैं। जब तक पानी की निकासी का सही प्रबंध नहीं होगा, तब तक सड़कें बदहाल ही रहेंगी। इसलिए सड़कों से पानी निकासी का भी इंतजाम होना चाहिए।
- सतीश गुप्ता, उद्यमी, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1

जब तक पानी की निकासी की समस्या दूर नहीं होती हैं, सड़के टूटती रहेंगी। सड़कों के लिए एस्टीमेट तैयार किया गया है। सर्दी खत्म होते ही मार्च के पहले सप्ताह से इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की सड़कों का निर्माण शुरू करवाया जाएगा।
- ओपी सिहाग, ईओ, नगर निगम

एक तरफ अंधेरा तो दूसरी तरफ सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं। ड्रेनिंग सिस्टम में सुधार की भी आवश्यकता है। इन समस्याओं से निजात दिलाने के लिए इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के लिए अलग बजट की जरूरत है।
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- रविकांत स्वामी, पार्षद, वार्ड-13
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