यदि आपकी आमदनी टैक्स पेयर के दायरे में आती है तो आईटीआर (इनकम टैक्स रिटर्न) जरूर भरें। इस दौरान कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आईटीआर फाइल करते वक्त इस बात का अवश्य ख्याल रखें कि इसमें आमदनी का पूरा-पूरा ब्योरा हो। कुछ भी छिपाना कानूनन गलत है। वरिष्ठ कर अधिवक्ता शिवरत्न गुप्ता का कहना है कि आईटीआर फाइल करते समय अपनी सभी स्रोतों से आमदनी का ब्योरा दिया जाना बेहद जरूरी है।
बैंक ब्याज, एफडी ब्याज, किराए की आमदनी, व्यापार की आमदनी, सैलरी, संपत्ति बिक्री लाभ जैसी जानकारी का उल्लेख अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। इसके अलावा एलआईसी, पीपीएफ, ट्यूशन फीस, मेडीक्लेम, आयकर धारा 80-सी के तहत मिलने वाली छूट भी लेना न भूलें। आईटीआर फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है।
एफडी के ब्याज पर देना होगा टैक्स
शिवरत्न गुप्ता बताते हैं कि आमतौर पर लोगों की धारणा है कि बैंक एफडी के ब्याज पर टैक्स नहीं लगता। लेकिन ऐसा नहीं है। एफडी से मिलने वाला ब्याज सीधे-सीधे आमदनी में गिना जाता है। धारा 80 टीटीए के तहत सेविंग अकाउंट के ब्याज पर केवल 10 हजार रुपये तक छूट है।
पत्नी के नाम निवेश तो आमदनी पर देना होगा टैक्स
कर अधिवक्ता ने बताया कि पत्नी और नाबालिग बच्चों के नाम पर किए गए निवेश से होने वाली आमदनी पर (यदि टैक्स योग्य है तो) टैक्स चुकाना पड़ेगा। यानी, इस निवेश से होने वाली आमदनी आप की खुद की आय मानी जाएगी। श्री गुप्ता ने बताया कि यदि कोई पत्नी को गिफ्ट करता है और उससे आमदनी होती है तो टैक्स देना होगा। लेकिन, बालिग बच्चों के मामलों में ऐसा नहीं है। आप बालिग बच्चे को गिफ्ट करते हैं और उससे आमदनी होती है तो वह बच्चे की आय होगी, न की आपकी।
इन तारीखों को जरूर याद रखें
- 15 जुलाई, पहली तिमाही के टीडीएस (टैक्स डीडक्शन एट सोर्स) की रिटर्न भरने की अंतिम तारीख।
- 31 जुलाई रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख
- 30 सितंबर उनके लिए अंतिम तारीख है, जिनकी धारा 44 एबी के तहत ऑडिट होनी है।
- 30 सितंबर, कंपनी आईटीआर की अंतिम तिथि
यहां बरतें सावधानी
- टीडीएस/एडवांस टैक्स की रिटर्न दाखिल करने से पहले आयकर विभाग की वेवसाइट (इनकमटैक्सइंडियाईफाइलिंग डाट कॉम) पर जाकर मिलान अवश्य करें।
- वेतनभोगी कर्मचारी अपने फार्म 16 को भी वेबसाइट पर मिलान करें।
- मेडी क्लेम का लाभ जरूर लें।
- एलआईसी, पीपीएफ, ट्यूशन फीस, आयकर धारा 80-सी के तहत छूट लेना न भूलें।
- 31 मार्च 2015 की आईटीआर न भर पाने वाले 31 मार्च 2017 से पहले फाइल कर सकते हैं। यदि कर योग्य सीमा से अधिक है तो लेट फीस भरनी होगी।