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संजय टंडन फिर रहे चैंपियन, आशा जसवाल को बनवाया उम्मीदवार 

Sat, 07 Jan 2017 01:17 AM IST
राजेश ढल्ल /अमर उजाला, चंडीगढ़
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संजय टंडन
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मेयर पद का उम्मीदवार तय करवाने में एक बार फिर से भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन चैंपियन रहे। टंडन आशा जसवाल को मेयर का उम्मीदवार बनवाने में कामयाब रहे। इसके अलावा सीनियर डिप्टी मेयर का उम्मीदवार भाजपा ने राजेश गुप्ता और डिप्टी मेयर का उम्मीदवार अनिल दूबे को बनाया गया है। 
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सांसद किरण खेर हीरा नेगी को मेयर का उम्मीदवार बनवाने के लिए लाबिंग कर रही थीं।  जबकि इस मामले में उन्हें भी हाईकमान के हस्तक्षेप के बाद समझौता करना पड़ा। पूर्व मेयर राज बाला मलिक के लिए हरियाणा के जाट समुदाय के मंत्री जोर लगा रहे थे। 

इससे पहले भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन की नगर निगम चुनाव से पहले टिकट वितरण में खूब चली। 22 में से 16 लोगों को टिकट दिलवाने में टंडन ने भूमिका निभाई थी। जबकि उसके बाद प्रशासन की ओर से जो 9 मनोनीत पार्षद बने है, उसमे भी टंडन की ही सुनी गई।
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पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन किसी को भी मनोनीत पार्षद नहीं बनवा पाए। सांसद किरण खेर ने भी जिन लोगों के नाम की सिफारिश की थी, उनमें से सिर्फ सतप्रकाश अग्रवाल को ही मनोनीत बनाया गया है। शुक्रवार को मेयर और डिप्टी मेयर के पार्टी उम्मीदवारों के नाम की घोषणा टंडन ने ही की है।

कांग्रेस गुरबख्श पर खेलेगी दांव 

संजय टंडन
नामांकन पत्र शनिवार को भरा जाएगा। 12 जनवरी को मेयर के लिए चुनाव होना है। मनोनीत पार्षद कमला शर्मा को चुनाव अधिकारी बनाया गया है। नोटबंदी के बावजूद नगर निगम चुनाव में भारी जीत के कारण ही संजय टंडन को अब तक अध्यक्ष पद से नहीं हटाया गया है जबकि उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है। 

कांग्रेस गुरबख्श पर खेलेगी दांव 
कांग्रेस की ओर से मेयर का उम्मीदवार गुरबख्श रावत को बनाया गया है। इसकी अधिकारिक घोषणा शनिवार को की जाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि उम्मीद है कि तीनों पदों के लिए उम्मीदवार खड़े किए जाएंगे।

वार्ड नंबर-17 से पार्षद हैं आशा 
आशा जसवाल दूसरी बार पार्षद बनी हैं। वह वार्ड नंबर-17 से पार्षद हैं। जबकि राजेश गुप्ता लगातार तीसरी बार वार्ड नंबर-16 से पार्षद बने हैं। वह पहले भी सीनियर डिप्टी मेयर रह चुके हैं। जबकि डिप्टी मेयर पर भाजपा के उम्मीदवार अनिल दूबे पूरे शहर के नगर निगम चुनाव में सबसे ज्यादा मार्जिन से जीते हैं। अनिल दूबे को टिकट सांसद किरण खेर ने दिलवाया था। 

खेर के लिए समझौता कर चुकी हैं आशा जसवाल

किरण खेर - फोटो : अमर उजाला
आशा जीत के लिए नजदीक
भाजपा के मेयर उम्मीदवार आशा जसवाल जीत के काफी करीब हैं। इसका कारण यह है कि 26 में से 22 पार्षद इस समय भाजपाअकाली के हैं। जबकि 9 मनोनीत पार्षदों में से 5 भाजपा के पदाधिकारी हैं इसके साथ ही अन्य चार भी भाजपा की सिफारिश पर मनोनीत किए गए हैं।

कांग्रेस के पास सिर्फ 4 पार्षद हैं। ऐसे में कांग्रेस सिर्फ राजनीतिक दल होने के कारण मैदान में खड़ी है। ऐसे में अगर 4 से ज्यादा वोट कांग्रेस को पड़ते है तो यह उन्हें भाजपा की क्रास वोटिंग का फायदा मिलेगा।

खेर के लिए समझौता कर चुकी हैं आशा जसवाल
इससे पहले बहुमत न होने के बावजूद साल 2011 में भाजपा ने आशा जसवाल को मेयर का उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उस समय कांग्रेस ने बहुमत के दम पर अपना मेयर बनवा लिया था। 

उसके बाद लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद साल 2014 में फिर से भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन ने आशा जसवाल को मेयर का उम्मीदवार बनवाना चाहा था। पार्टी के सीनियर नेता भी इसके लिए तैयार हो गए थे। 

लेकिन सांसद किरण खेर ने हीरा नेगी को उम्मीदवार बनवा दिया। ऐसे में जसवाल ने खेर के लिए अपनी उम्मीदवारी छोड़ दी थी। उस समय तक कांग्रेस से तीन पार्षद  भाजपा में शामिल हो गए थे।
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अब चौथे साल बनेगी महिला मेयर 

किरण खेर - फोटो : अमर उजाला
इसके बावजूद हीरा नेगी भाजपा की अपनी गुटबाजी के कारण चुनाव हार गई थीं। साल 2014 में ही भाजपा ने आशा जसवाल को वित्त एवं अनुबंध कमेटी का सदस्य का उम्मीदवार बनाया लेकिन उनके नामांकन से पहले सतीश कैंथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए । ऐसे में पार्टी ने जसवाल को अपना नामांकन वापस लेने के लिए कहा और कैंथ को अनुबंध कमेटी का सदस्य भाजपा ने बनवाया।

विकास को आगे बढाएंगी
भाजपा की मेयर उम्मीदवार आशा जसवाल का कहना है कि पिछले एक साल में अरुण सूद के मेयर रहते शहर में भरपूर विकास के काम हुए हैं। इसी तरह से विकास का पहिया आगे चलता रहे, वह इसका प्रयास जारी रखेंगी। उनका कहना है कि सभी पार्षदों की राय लेकर काम किए जाएंगे। उन्होंने उम्मीदवार बनने पर भाजपा के सभी नेताओं का आभार जताया।

पेशे से वकील 
आशा जसवाल पेशे से वकील हैं। उनके पति और बेटा भी वकील हैं। आशा जसवाल का परिवार काफी लंबे समय से संघ से जुड़ा हुआ है। जसवाल को मेयर का उम्मीदवार बनाने के लिए संघ ने भी सिफारिश की है।

आशा जसवाल इस समय राष्ट्रीय महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष भी हैं। आशा का बेटा ब्रजेश्वर जसवाल इस समय भाजपा जिला अध्यक्ष के पद पर तैनात है। आशा जसवाल पार्षद के रूप में हर माह 10 हजार रुपये मानदेय सामाजिक कार्यों पर खर्च कर देती हैं। कई सामाजिक संस्थाओं से जसवाल जुड़ी हुई है। 

अब चौथे साल बनेगी महिला मेयर 
नगर निगम के 5 साल के कार्यकाल में चौथा साल फिर से महिला मेयर के लिए रिजर्व है। पूर्व मेयर राज बाला मलिक और हीरा नेगी में से कोई एक भाजपा का उम्मीदवार बनेगा।  इस समय पूर्व मेयर राज बाला मलिक के नाम पर गंभीरता से चर्चा हुई है। पूर्व मेयर राज बाला मलिक भी टंडन गुट की हैं। 
 
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