फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आंधी-तूफान भी नहीं हिला सकते 210 फुट ऊंचे रावण के पैर, थ्री लेयर में की गई कड़ी सुरक्षा

Tue, 16 Oct 2018 12:17 PM IST
अवधेश शुक्ला, अमर उजाला, पंचकूला
विज्ञापन
देश का सबसे ऊंचा रावण
विज्ञापन
देश के सबसे ऊंचे रावण के पुतले के पैर आंधी भी हिला नहीं सकती। ये दावा किया है 210 फुट ऊंचे इस पुतले को तैयार करने वाले अंबाला के बराड़ा निवासी तेजिंदर चौहान ने। 100 की रफ्तार से आने वाली आंधी और तूफान के प्रकोप को ध्यान में रखते हुए ही रावण के पुतले का निर्माण किया गया है।
विज्ञापन


ऐसे प्रकोप से बचाने के लिए ही इसका फाउंडेशन कंक्रीट से तैयार किया गया है। रावण के पुतले के स्ट्रक्चर के आठ फुट लंबे हिस्से को जमीन के भीतर दबाया जाता है। इसके बाद आठ लोहे के ट्री एंगल को दस फुट की गहराई में दबाकर लोहे की आठ मोटी तारों से रावण को रोका जाता है। इसके अलावा रावण के पुतले की सुरक्षा थ्री लेयर में होगी।       

सुरक्षा में 800 लोग तैनात होंगे
दशानन दहन के दौरान दर्शकों और रावण के पुतले की सुरक्षा की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके लिए थ्री लेयर सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। तेजिंदर ने बताया कि पुलिस प्रशासन की तरफ से 400 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके लिए कुछ अन्य जिलों से पुलिस कर्मियों को बुलाया गया है, जो बाहरी घेरे में तैनात होंगे। वहीं, श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड ट्रस्ट की ओर से 200 बाउंसर हायर किए गए हैं, जिन्हें सेकेंड घेरे में तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि अंदर के घेरे के लिए श्रीराम लीली क्लब बराड़ा से 200 युवकों को बुलाया गया है।   
विज्ञापन

20 जगह होगा ब्लास्ट और रावण हो जाएगा राख

देश का सबसे ऊंचा रावण
तेजिंदर चौहान ने बताया कि रावण के पुतले में 20 जगह ब्लास्ट होगा। सबसे पहले रावण के 10 फुट चौड़े छत्र में धमाके से आग लगेगी। इसके बाद मुकुट के सबसे ऊपरी हिस्से में ब्लास्ट होगा। फिर एक-एक करके पूरे पुतले में 20 जगह ब्लास्ट होंगे। दशानन दहन दर्शकों के देखने योग्य होगा।       

जलने के बाद भी खड़ा रहेगा ढांचा
रावण के पुतले को इस तरह से तैयार और खड़ा किया गया है कि अग्नि भेंट होने के बाद भी ये किसी भी दिशा में गिरेगा नहीं। इसके लिए खास तकनीक अपनाई गई है। इसके अलावा दर्शकों की सुरक्षा के लिए शालीमार ग्राउंड में खड़े रावण के चारों तरफ बैरीकेडिंग की गई है। ताकि दर्शक किसी भी सूरत में पुतले तक पहुंच न पाएं। क्योंकि अकसर देखने को मिलता है कि आग लगने के बाद लोग पुतले के अधजले बांस को लेने के लिए दौड़ पड़ते हैं। ऐसे में बड़ी घटना हो सकती है। 
विज्ञापन

...और बढ़ सकती थी रावण की ऊंचाई

देश का सबसे ऊंचा रावण
तेजिंदर चौहान ने बताया कि उनका इस बार मन था कि ट्राइसिटी में रावण के पुतले की ऊंचाई को थोड़ा और बढ़ाया जाए। लेकिन चंडीगढ़, मोहाली में कोई बड़ा ग्राउंड न मिल पाने के कारण ऊंचाई बढ़ाने के मामले में सफलता नहीं मिल पाई। वैसे पंचकूला का ये ग्राउंड बड़ा है, लेकिन 210 फुट ऊंचाई से ज्यादा बनाने की कोशिश करते तो दशहरे वाले दिन दर्शकों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता था। इसी के मद्देनजर रावण के पुतले की ऊंचाई नहीं बढ़ाई गई।      

सारा दिन चला मैसेज का सिलसिला
शालीमार ग्राउंड में जैसे ही रावण खड़ा हुआ शहरवासियों ने मैसेज का सिलसिला शुरू कर दिया। वह रावण के साथ सेल्फी लेकर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भेजते रहे। मैसेज के जरिए वह यह भी बता रहे थे कि इस बार उनके शहर में देश का सबसे ऊंचा रावण जलेगा।      

19 को अग्नि के भेंट होगा लंकेश
पंचकूला के सेक्टर-पांच स्थित शालीमार ग्राउंड में रावण का 210 फुट ऊंचा और 60 क्विंटल वजन का पुतले 19 अक्तूबर को दशहरे वाले दिन अग्नि भेंट किया जाएगा। समारोह में बतौर मुख्यातिथि हरियाणा के राज्यपाल को आमंत्रित किया गया है। वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें