फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: शंभू बॉर्डर खोलने पर नहीं बनी बात, किसान मांगों पर अड़े

विज्ञापन
विज्ञापन
किसान नेता बोले- उनकी 13 मांगें पूरी की जाएं या फिर दिल्ली जाने की अनुमति मिले
विज्ञापन


किसान संगठनों के नेताओं और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित कमेटी के बीच हुई बैठक

25 से डल्लेवाल अब करेंगे आमरण अनशन, देशभर के किसान नेताओं की बैठक बुलाई

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शंभू बॉर्डर खोलने को लेकर किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित कमेटी के सदस्यों के बीच बातचीत से सुलह की कोशिशें एक बार फिर सफल नहीं हुईं। किसान नेता अपनी 13 मांगों पर अड़े हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार उनकी मांगों को माने या फिर आंदोलन करने के लिए उन्हें दिल्ली जाने की अनुमति दे। किसानों ने माना कमेटी ने उनकी सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और भरोसा दिलाया है कि वह उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को देंगे। वहीं, किसानों ने कहा कि 25 नवंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होगा, उस दिन से किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन करेंगे। उससे पहले देशभर के किसान नेताओं की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में आंदोलन की अगली रणनीति बनेगी।
किसान व मजदूरों से संबंधित 13 मांगों को लेकर किसान संगठन 13 फरवरी से शंभू बॉर्डर, खनौरी बॉर्डर और रतनपुर बॉर्डर पर मोर्चा बनाकर बैठे हैं। बॉर्डर खुलवाने के लिए किसान संगठनों से बातचीत के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस नवाब सिंह के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की थी, जिसमें पुलिस अधिकारी, कृषि विशेषज्ञ और रिटायर्ड आईएएस शामिल हैं। कमेटी ने सोमवार को किसान संगठनों को बातचीत के लिए बुलाया था। बैठक में पंजाब व हरियाणा के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन

बैठक के दौरान किसानों ने कहा कि वे अब भी 13 फरवरी वाले स्टैंड पर कायम हैं। उनकी प्रमुख मांगें एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करना, किसान व मजदूरों को 58 साल की उम्र के बाद पेंशन देना, बिजली संशोधन विधेयक 2023 को रद्द करना, किसान आंदोलन-2 के दौरान मारे गए किसानों की निष्पक्ष जांच व पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग रखी। इस दौरान किसानों ने कहा कि उन्हें हरियाणा सरकार से कोई लेना-देना नहीं है। केंद्र सरकार उनकी 13 मांगों को पूरा करे, अन्यथा हमें आंदोलन करने की अनुमति मिले।


किसान बोले- कमेटी ने भरोसा दिया है

किसान नेता गुरिंदर सिंह भंगू ने बताया कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई है। कमेटी ने उन्हें भरोसा दिया है कि वह सकारात्मक रिपोर्ट तैयार करेगी। किसानों व मजदूरों के हालात से वह अच्छी तरह वाकिफ हैं। किसान नेताओं ने कमेटी से कहा कि वह केंद्र सरकार के समक्ष उनकी मांगों को रखे और मनवाए।


कोई फूट नहीं, डल्लेवाल बीमार हैं
बैठक में किसान आंदोलन के प्रमुख चेहरे सरवन सिंह पंधेर व जगजीत सिंह डल्लेवाल के नहीं आने पर किसान नेताओं ने आपसी फूट की बातों का खंडन किया। पंजाब किसान मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सुखजीत सिंह ने कहा कि डल्लेवाल को गंभीर निमोनिया हुआ है। इसलिए वह बैठक में नहीं आ सके, मगर वह आमरण अनशन पर बैठेंगे। इसके लिए किसान नेताओं को बुलाया गया है। उसी बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। सोमवार की बैठक में जो तय हुआ है, उसे किसान संगठन के सभी फोरम के सामने रखा जाएगा।
विज्ञापन




कमेटी सुप्रीम कोर्ट के सामने रखेगी रिपोर्ट

सूत्रों ने बताया, कमेटी की दो स्तरीय बैठक हो चुकी है। अब कमेटी अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी। कमेटी की ओर से बैठक में जस्टिस नवाब सिंह, कृषि विशेषज्ञ दविंदर शर्मा, पूर्व डीजीपी बीएस संधू, पूर्व आईएएस अधिकारी सुरजीत सिंह व कृषि विशेषज्ञ हरबंस सिंह शामिल हुए। वहीं, किसान संगठन की ओर से बीकेई हरियाणा के लखविंदर सिंह औलख, बीकेयू खोसा के गुणवंत सिंह पंजावा, किसान गन्ना संघर्ष समिति के सुखपाल सिंह सहोता समेत कई अन्य नेता शामिल हुए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें