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जाटों और सरकार के बीच साढ़े 3 घंटे बातचीत हुई, पर नहीं हुआ कोई फैसला

Sat, 11 Feb 2017 05:40 PM IST
जगमहेंद्र सरोहा/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
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जाट नेता यशपाल मलिक
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आरक्षण के लिए 14 दिन से धरने पर बैठे जाटों के साथ सरकार ने आज बातचीत की। साढ़े तीन घंटे दोनों मीटिंग चली, लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ। वहीं, सरकार ने अगली मीटिंग बुलाने और उसी मीटिंग में कोई फैसला लेने की बात कही।
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पानीपत में इंडियन ऑयल रिफाइनरी के गेस्ट हाउस में दोपहर बाद मीटिंग शुरू हुई थी। सरकार की पांच सदस्यीय समिति ने जाटों को मीटिंग के लिए बुलाया था। मीटिंग की अध्यक्षता मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने की, जबकि जाटों की ओर से अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक बात करने आए थे।

आलम यह रहा कि एक और बातचीत जारी रही, दूसरी ओर रोहतक के जसिया सहित राज्य के 19 जिलों में जाट धरने पर डटे रहे। जींद के इक्कस गांव में धरना स्थल पर एक बुजुर्ग की मौत हो गई। वहीं,महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी व अन्य कॉलेजों के युवा कक्षाओं का बहिष्कार कर जसिया में धरनास्थल पर पहुंचे। युवाओं ने बाइक रैली निकाली और सरकार विरोधी नारे लगाए।
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इन मांगों पर फंसा होगा पेंच

यशपाल मलिक - फोटो : अमर उजाला
- भाजपा सांसद राजकुमार सैनी पर कार्रवाई। भाजपा सरकार का तर्क पार्टी हाईकमान से करेंगे सिफारिश
- झूठे मुकदमे दर्ज करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई। सरकार के पास भरोसा देने का ही विकल्प

इन मांगों पर जाट सहमत
- हाईकोर्ट में जाट आरक्षण पर लगी रोक हटवाने के लिए सरकार मजबूत पैरवी करेगी
- जाट आरक्षण पर लगी रोक हटने के बाद संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा जाएगा
- घायलों का मुफ्त इलाज व मुआवजा

सभी पक्षों को बुलाया गया था
हरियाणा गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास ने बताया कि बातचीत का मसौदा तैयार था। मुख्य सचिव के नेतृत्व में गठित कमेटी की बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा हुई थी। शनिवार को सभी पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया गया ​था।

जाटों की मांगों में कोई फेरबदल नहीं था
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि उनकी मांगें पुरानी ही हैं। उनके पूरी होने पर ही आंदोलन खत्म होगा। उन्हें आश्वासन नहीं रिजल्ट चाहिए। वे खुले मन के साथ वार्ता में जाएंगे। सरकार भी पूरी तैयारी के साथ आए।
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