तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार हरप्रीत सिंह को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की तरफ से सोमवार को अकाल तख्त का कार्यकारी जत्थेदार नियुक्त किया गया। हरप्रीत सिंह कुरान शरीफ का पंजाबी में अनुवाद कर चुके हैं। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कुछ दिन पहले सेहत का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था।
श्री मुक्तसर साहिब जिले के कस्बे गिद्डबाहा के रहने वाले अकाल तख्त के नवनियुक्त जत्थेदार हरप्रीत सिंह के पिता रणजीत सिंह साधारण ग्रंथी थे। फिलहाल हरप्रीत सिंह गुरबानी में आते परमेश्वर नामों को लेकर पीएचडी कर रहे हैं। वह सितंबर 1997 में प्रचारक के तौर पर एसजीपीसी में भर्ती हुए थे।
जुलाई 1999 से लेकर अप्रैल 2017 तक उन्होंने बतौर हेड ग्रंथी दरबार साहिब में अपनी सेवाएं निभाईं। नवनियुक्त कार्यकारी जत्थेदार ने कहा, उनका पहला प्रयास पंथ को एकजुट करना होगा।