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Chandigarh News: बरसात में भोजन-पानी और साफ-सफाई का रखें ध्यान, नहीं चेते तो पड़ जाओगे बीमार

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चंडीगढ़। बरसात के मौसम में बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। सबसे ज्यादा दूषित पानी से फैलने वाले संक्रमण का डर है क्योंकि बरसात में आपूर्ति वाले पानी की पाइन लाइन कई जगहों पर सीवर पाइप लाइन से मिल जाती है जिससे डायरिया, बुखार, खांसी, दस्त, पेट में दर्द, गले का इंफेक्शन, गले में दर्द, पेट की अन्य समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में विशेषज्ञों की सलाह है कि पीने का पानी उबालकर ही प्रयोग में लाएं। वहीं ताजा भोजन करें और साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। विशेषज्ञों के अनुसार दूषित पानी का सेवन गंभीर रूप से बीमार बना सकता है। दूषित पानी पीने से कई तरह की बीमारियों और इंफेक्शन की चपेट में आ सकते हैं। बारिश के मौसम में बैक्टीरिया, फंगस और यीस्ट तेजी से पनपते लगते हैं। यही बैक्टीरिया अगर आपके खाने-पीने की चीजों के साथ आपके पेट में चले जाएं तो संक्रमण फैलाते हैं। इससे बुखार, खांसी, दस्त, पेट में दर्द, गले का इंफेक्शन, गले में दर्द, पेट की अन्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इस मौसम में पीने के पानी को लेकर आपको अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
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ये बीमारियां हो सकती हैं दूषित पानी पीने से
जीएमएसएच-16 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके नागपाल का कहना है कि दूषित पानी पीने से हैजा, टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए (पीलिया), डायरिया, आंतों की टीबी, एमीबीएसी और डिसेंट्री जैसे बीमारियां हाे सकती हैं। दूषित पानी पीने से आंखों में एलर्जी हो सकती है या फिर आंखें लाल हो सकती हैं। नाक में भी साइनोसाइटिस इन्फेक्शन दूषित पानी पीने के कारण हो सकते हैं। इतना ही नहीं कानों के पर्दे का इन्फेक्शन भी बरसात में दूषित पानी पीने से हो सकता है। वहीं मच्छरों से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया होने का खतरा भी बढ़ गया है।
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ऐसे करें बचाव-
- बरसात में दूषित पानी के संपर्क में आने के बाद हाथ साबुन से अच्छी तरह से साफ करें
- बच्चों को घर के आसपास इकट्ठा हुए पानी से दूर रखें और उनको इस पानी में न खेलने दें
- खाना खाने से पहले बच्चों के हाथ अच्छी तरह से साबुन से धुलवाएं
- अगर आप सीधे नलकूप यह टंकी से लेकर पानी पीते हैं तो पहले इसे दो से तीन बार अच्छी तरह से उबालने के बाद ही पिएं
- शरीर के किसी भी जख्म पर दूषित पानी नहीं लगने दें, इससे इन्फेक्शन बेहद तेजी से फैलता है
- मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें और बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े पहनाएं
- कूलर और छत पर रखे खराब सामानों में पानी इकट्ठा ना होने दें। इनकी बार बार चेकिंग करते रहें और इनमें भी थाेड़ा मिट्टी का तेल या डीजल डाल दें।
- बाहर की दुकानों से खाना खाने से परहेज करें
- फलों व सब्जियों को धोकर खाएं और पकाएं
इनसेट-
आंखों पर भी मंडराने लगा खतरा
नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि कंजक्टिवाइटिस एक संक्रामक बीमारी है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हो सकती है। इसलिए जिसे यह मर्ज हो गया हो उसकी आंखों में न देखें और न ही उसका रुमाल, तौलिया, टॉयलेट की टोंटी, दरवाजे का हैंडल, टेलीफोन के रिसीवर का इस्तेमाल करें। संक्रमण होने पर डॉक्टर की सलाह से दवा का प्रयोग करें।
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इनसेट-

बच्चों पर रखें विशेष ध्यान

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विक्रम का कहना है कि वायरल समेत अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए बच्चों के आहार व सफाई पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। बरसात में बड़े और बच्चे सभी को उबला हुआ पानी ही पीना चाहिए, क्योंकि सबसे ज्यादा संक्रमण गंदे पानी से होता है।
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इनसेट-
पैरों की सुरक्षा के लिए इसका रखें ख्याल
- कपड़ों और जूतों को साफ रखें।
- बारिश में भीग जाने पर घर आकर जरूर नहाएं।
- दूसरों के कपड़े व जूतों का इस्तेमाल करने से बचें।
- बारिश में एंटीबैक्टीरियल साबुन का उपयोग करें।
- पाउडर का इस्तेमाल करें ताकि नमी सोखी जा सके।
- बिना धुले कपड़े या मोजे न पहनें।
- स्पोर्ट्स शूज पहनते हों तो उन्हें वॉश जरूर करें। ठीक से सूखने पर ही पहनें।
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