चंडीगढ़। वसंत के मौसम के साथ ही त्वचा पर एलर्जी, खुजली, रैश या जलन जैसी दिक्कतें शुरू हो गई हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि इस मौसम में हवा में प्रदूषक और पोलन होते हैं। ऐसे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का उपयोग करें जो नमी के संतुलन बिना बिगाड़े त्वचा को साफ करे। क्योंकि वसंत में त्वचा मॉइश्चर को सोखती है। इसलिए इस मौसम में जब भी बाहर जाएं बिना सनस्क्रीन लगाए न निकलें और घर पर हैं तो मॉइश्चराइजर का उपयोग करें।
जीएमएसएच- 16 के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजीत का कहना है कि इस मौसम में त्वचा में सामान्य रूप से महीन रेखाएं अधिक दिखाई देने लगती हैं। त्वचा खुरदरी महसूस होती है और पुरानी और परतदार दिखाई देने लगती है। शुष्क त्वचा तब होती है जब त्वचा की सबसे ऊपरी परत स्ट्रेटम कॉर्नियम में ठीक से काम करने के लिए पर्याप्त पानी नहीं होता है। जैसे-जैसे स्ट्रेटम कॉर्नियम सूखता जाता है यह सिकुड़ता जाता है और जैसे-जैसे यह सिकुड़ता जाता है छोटी-छोटी दरारें पड़ सकती हैं। यह अंतर्निहित जीवित कोशिकाओं को पर्यावरण में परेशान करने वाले पदार्थों और कीटाणुओं के संपर्क में लाता है। सामान्य रूप में शुष्क त्वचा कोई चिंता का विषय नहीं है, लेकिन गंभीर मामले तब उत्पन्न हो सकते हैं जब शुष्कता के कारण दरारें संक्रमण और सूजन को आमंत्रित करती हैं।
बार-बार न धोएं चेहरा
वसंत में हल्के, कम सूखने वाले साबुन (त्वचा के पीएच के करीब पीएच मान जो कि 5.8 है) या क्लींजिंग लोशन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यह कहना है त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास शर्मा का। उन्होंने बताया कि अत्यधिक शुष्कता से बचने के लिए पतझड़ में बार बार चेहरा न धोएं। चेहरा धोने में नाजुक स्पर्श का प्रयोग करें और चेहरे को जोर से रगड़ने की बजाय मुलायम तौलिये से थपथपाकर सुखाएं। रूखी त्वचा के लिए क्लेंजिंग जेल, कॉम्बीनेशन स्किन के लिए क्लेंजिंग मिल्क और ऑयली स्किन के लिए फेसवॉश का इस्तेमाल करें। वहीं, अगर आपकी त्वचा एक्न प्रोन है तो मेडिकेटेड क्लेंजर का इस्तेमाल करें। ऑयली स्किन है तो डेड स्किन से छुटकारा पाने के लिए हफ्ते में दो बार स्क्रब करें। ड्राइ स्किन के लिए क्रीमी मॉइश्चराइज़र का ही इस्तेमाल करें।
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होंठ भी कर रहे परेशान
पीजीआई के डॉ. विग्नेश का कहना है कि मौसमी बदलाव में होठों के सूखने से कोई भी अछूता नहीं है। इससे बचाव के लिए हाइड्रेटेड रहे, खूब पानी पिएं। जब भी आप बाहर जाएं तो सनस्क्रीन वाला लिप बाम लगाएं। होठों पर बार-बार जीभ न फेरें। इससे थोड़ी देर के लिए बेहतर महसूस हो सकता है, लेकिन इससे होठों के फटने की स्थिति और खराब हो जाती है।
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वसंत में ऐसे करें त्वचा की देखभाल
- अगर आपकी त्वचा अत्यधिक ड्राई है। इसमें लाल रैशेज़ पड़ रहे है तो तुरंत केमिकल वाले साबुन का इस्तेमाल करना बंद कर दें।
- साबुन की बजाय सुबह-शाम क्लींजर का उपयोग कर सकते हैं।
- त्वचा को प्रतिदिन क्लीजिंग के साथ ही पोषाहार भी प्रदान कीजिए। घरेलू आयुर्वेदिक उपचार के तौर पर त्वचा पर तेल की मालिश कर सकते हैं।
- फाउंडेशन लगाने से पहले मॉइश्चराइज़र जरूर लगाएं।
- अगर आपकी त्वचा ऑयली या कॉम्बीनेशन है तो सनस्क्रीन जेल का इस्तेमाल करें।
- इसके अलावा त्वचा पर शहद का उपयोग भी कर सकते हैं। शहद न सिर्फ रुखी त्वचा को ठीक करता है बल्कि ये सभी तरह की स्किन के लिए अच्छा है।
- एलोवेरा जेल भी सभी तरह की स्किन के लिए एक अच्छा मॉइश्चराइजर है।
- रोजाना सोने से पहले त्वचा को साफ करें, जिससे चेहरे पर दिन भर की जमी धूल, प्रदूषक, मेकअप, पसीना और तेल साफ हो सकें।
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इन गलतियों से बचें
ज्यादा तला भुना न खाएं
खट्टी और मीठी चीजें एक साथ न खाएं
ठंडे की बजाय गुनगुने पानी से नहाएं
पर्याप्त नींद लें
गरिष्ट भोजन न करें