टैगोर थिएटर में रविवार को ‘एक शाम कुछ यादों के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन कर जाने माने कॉमेडियन विवेक शौक को श्रद्धाजांलि दी गई। इस कार्यक्रम का आयोजन ईश आर्ट्स सोसाइटी ने हरियाणा के डिपार्टमेंट ऑफ कल्चरल अफेयर्स के सहयोग से किया।
कार्यक्रम के दौरान गजल सुनने और एक्टिंग, कॉमेडी तथा मिमिक्री देखने को मिली। इस मौके पर ईश आर्ट्स सोसाइटी के कलाकारों रजनीश और गुरप्रीत ने चार- चार प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम की शुरुआत रजनीश ने 5 मिनट का एक्ट पेश करके की। इसका भाव था कि बदलते समय के साथ आपने खान- पान, रहन- सहन की आदतों को तो बदल दिया, लेकिन क्या अपनी सोच बदल पाए हो?
धर्म -जाति के नाम पर आज भी झगड़ रहे हो। जब तक अपनी सोच नहीं बदलोगे तब तक देश का विकास असंभव है। इस एक्ट के बाद गुरप्रीत ने मोहम्मद रफी का गीत राही मनवा दुख की चिंता क्यों सताती है पेश किया। इसके बाद फिर रजनीश ने हैपी सिंह स्पाइडरमैन के तहत जोक पेश कर दर्शकों को खूब हंसाया।