'ओपन कास्ट' नाटक के जरिए दिखाया विस्थापन का दर्द
- फोटो : अमर उजाला
टैगोर थिएटर में अस्तित्व ग्रुप की ओर से ओपन कास्ट नाटक का मंचन किया गया। इसमें दिखाया गया कि विस्थापन का दर्द एक समान होता है। उसे सहने वाला चाहे दिल्ली में रहे हों या फिर झारखंड में। अपने घर को छोड़कर जाने का दर्द हर किसी को एक जैसा होता है।
उस दर्द को दिखाने के लिए नाटक ओपन कास्ट का मंचन किया गया। इस ग्रुप में काम करने वाले कलाकार कॉलेज के विद्यार्थी हैं। नाटक का निर्देशन संदीप शिखर व डायरेक्टर नवीन ने किया है। नाटक में दो अलग-अलग महिलाओं को दिखाया गया है। एक महिला दिल्ली की रहने वाली है जबकि दूसरी धनबाद में रहते है। दिल्ली की महिला भी रोजी-रोटी के लिए दिल्ली में आई है। दिल्ली में उसे नौकरी तो मिल जाती है, लेकिन परिवार का प्यार उसे नही मिलता।
इसी प्रकार दूसरी महिला धनबाद में रहती है। उसका पति उसके साथ रहता है। महिला के साथ उसका पति भी बांग्लादेश से विस्थापित होकर धनबाद आ चुका है, लेकिन दोनों के बीच लगातार लड़ाई होती रहती है। एक महिला घर से दूर है और अकेली है, जबकि दूसरी के साथ पति है, लेकिन लड़ाई होने के कारण अशांति बनी रहती है।