चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में एक बार फिर सिंडिकेट बैठक को लेकर सदस्य दो गुटों में विभाजित हो गए हैं। सिंडिकेट सदस्य लम्बे समय से विद्यार्थियों और शिक्षकों के लंबित मुद्दों को लेकर वीसी से बैठक बुलवाने के लिए मांग कर रहे थे, लेकिन जुलाई के बाद अभी तक बैठक नहीं हुई है। इससे नाराज होकर सिंडिकेट सदस्यों ने खुद व्हाट्सएप ग्रुप पर बुधवार को 23 नवंबर सुबह साढ़े दस बजे बैठक का प्रस्ताव रख दिया। इसके बाद वीसी के गुट के सदस्य एक तरफ हो गए और अन्य सदस्य बैठक के लिए शामिल हो रहे हैं।
पीयू सिंडिकेट में कुल 15 सदस्य हैं, जिसमें लगभग 11 सदस्य एक तरफ व तीन सदस्य और वीसी दूसरी तरफ हैं। सिंडिकेट सदस्यों ने वीसी की कारगुजारी और शैक्षणिक मुद्दों को हल नहीं करने को लेकर पिछले हफ्ते वीसी दफ्तर के बाहर धरना दिया था। इसके बाद वीसी प्रो. राजकुमार ने सदस्यों को आश्वासन दिया था कि जल्द ही बैठक बुलाई जाएगी। सिंडिकेट सदस्यों ने बताया कि विश्वविद्यालय के मुद्दों को हल करने के लिए कायदे से हर महीने बैठक होनी चाहिए लेकिन पांच महीने से कोरोना का बहाना लगाकर वीसी की तरफ से बैठक नहीं करवाई जा रही है। इस बारे में सदस्य कई बार वीसी को पत्र लिख चुके हैं। देशभर में चुनाव आयोजित हो रहे हैं, सभी धार्मिक से लेकर पब्लिक स्थानों को खोल दिया गया है, लेकिन पीयू प्रशासन की तरफ से हर फैसले में कोरोना को बहाना बनाया जा रहा है।
बैठक में वीसी को भी शामिल होने के लिए भेजा है प्रस्ताव
सिंडिकेट सदस्यों ने बताया कि हम लंबे समय से वीसी से बैठक आयोजित करवाने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद सदस्यों की मांग को नकारा जा रहा है। इसके बाद सदस्यों ने मिलकर खुद ही सोमवार को बैठक बुलाई है। ज्यादातर सिंडिकेट सदस्य बैठक में शामिल हो रहे हैं। वीसी प्रो राजकुमार को भी बैठक में शामिल होने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अभी तक उनका कोई जवाब नहीं मिला है।
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
प्रशासन की तरफ से सीनेट और सिंडिकेट के चुनाव टालने पर।
पीयू में नियमित कक्षाएं शुरू करने पर।
शिक्षकों के प्रमोशन के मुद्दे पर।
पीयू से सबद्ध कॉलेजों के शैक्षणिक मुद्दे पर।
विद्यार्थियों की परीक्षा परिणामों में देरी पर।
शैक्षणिक मुद्दों को हल करने में वीसी और रजिस्ट्रार की तरफ से की जा रही देरी पर।
कोट्स :-
1)
ज्यादातर सदस्य बैठक में ले रहे हिस्सा
सिंडिकेट के ज्यादातर सदस्य सोमवार को होने वाली बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। पीयू वीसी विद्यार्थियों और शिक्षकों के किसी भी मुद्दे पर फैसला नहीं ले रहे हैं। इस बारे में सदस्य कई बार पत्र लिखने के साथ धरना भी कर चुके हैं। इसके बावजूद वीसी की तरफ से बैठक करवाने को लेकर आश्वासन ही दिया जा रहा है। इसलिए सदस्यों ने मिलकर खुद ही बैठक बुलाई है। -जरनैल सिंह, सिंडिकेट सदस्य, पीयू
2)
शैक्षणिक मुद्दे हल नहीं होने पर बुलाई आपात बैठक
वीसी और रजिस्ट्रार की तरफ से कोई भी शैक्षणिक मुद्दे हल नहीं किए जा रहे हैं। इसके साथ सब कुछ नॉर्मल होने के बावजूद सीनेट चुनाव को भी टाला जा रहा है, इसलिए सदस्यों ने मिलकर मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आपात बैठक बुलाई है। - डीपीएस रंधावा, सिंडिकेट सदस्य , पीयू