पंजाब यूनिवर्सिटी में कोरोना केस सामने आने के बाद वीरवार को होने जा रही सिंडिकेट की बैठक कैंसिल कर दी गई। अब यह बैठक 14 जुलाई को होगी। अब डीएसडब्ल्यू के लिए प्रो. एसके तोमर का चार्ज 14 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। उनके नाम पर फाइनल मुहर 14 जुलाई को ही लगेगी।
सिंडिकेट में मेंबर्स ने इस बार दरियादिली दिखाई। इसके पीछे पीयू का भी हित है। साथ ही प्रो. एसके तोमर की छवि भी अच्छी है। इसलिए सिंडिकेट के मेंबर्स उनके नाम के विरोध में नहीं हैं। हालांकि कुछ लोगों ने यह पेंच लगाने की कोशिश की है कि उनके पास पीयू में एचआरडीसी निदेशक समेत कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं, जो डीएसडब्ल्यू बनने के बाद प्रभावित होंगी।
ऐसे में दूसरे शिक्षक को एचआरडीसी या अन्य कार्य दिए जा सकते हैं। सिंडिकेट की पिछली बैठक में जो नाम डीएसडब्ल्यू के लिए सामने रखा गया था उसमें से महिला डीएसडब्ल्यू के लिए प्रो. सुखबीर कौर थीं। उनके नाम पर मुहर लग गई। लेकिन प्रो. देवेंद्र सिंह के नाम पर सहमति नहीं बन पाई।
सिंडिकेट ने कहा था वीसी किसी को भी 27 जून तक डीएसडब्ल्यू का चार्ज दे सकते हैं और उसी दिन सिंडिकेट की बैठक बुलाई जाए। यदि किसी कारण बैठक नहीं हो पाती है तो यह चार्ज डीयूआई को दे दिया जाए। वीसी ने बैठक के बाद डीएसडब्ल्यू का चार्ज प्रो. एसके तोमर को दे दिया जो सीनियर प्रोफेसर हैं। साथ ही सिंडिकेट की बैठक 25 जून को निर्धारित कर दी थी।
ठीक एक दिन पहले आया कोरोना का केस
ठीक एक दिन पहले 24 जून को पीयू में कोरोना का केस सामने आ गया। इसके कारण सिंडिकेट की बैठक कैंसिल कर दी गई। क्योंकि एडमिन ब्लॉक में ही सभी फाइलें रखी थीं जो बैठक में ले जानी थी। फाइलों के कोई भी हाथ नहीं लगाना चाहता। ऐसे में बैठक कैंसिल कर दी गई। 14 जुलाई को बैठक निर्धारित की गई है।
27 जून को डीयूआई के पास नियमत: डीएसडब्ल्यू का चार्ज आ जाना चाहिए था लेकिन सिंडिकेट के मेंबर्स ने पीयू के हित को ध्यान में रखते हुए और यह पद विवादों में फिर न रहे, इसको देखते हुए प्रो. तोमर का चार्ज 14 जुलाई तक बढ़ा दिया है। इससे वीसी खेमा खुश नजर आ रहा है। सूत्रों का कहना है कि सिंडिकेट ने उनका चार्ज बढ़ा दियाहै उसी तरह उनके नाम पर फाइनल मुहर भी उसी दिन लगा देंगे।