हरियाणा में रतिया के गांव बाड़ा में 10 महीने की जयमीत कौर के शरीर में पोलियो आशंकित लक्षण मिले हैं। क्षेत्र में एक सप्ताह के अंदर दूसरा पोलियो आशंकित बच्चा मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। चिकित्सकों ने पोलियो बच्ची के स्टूल सैंपल लेकर कसौली भेज दिए हैं व विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दे दी है।
मंगलवार को बाड़ा का धर्मपाल अपनी 10 महीने की बच्ची जयमीत कौर को लेकर रतिया के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए लेकर आया। धर्मपाल ने चिकित्सकों को बताया कि करीब पंद्रह दिन पहले उनकी बेटी जयमीत कौर को बुखार हो गया था तथा उसकी बच्ची जयमीत कौर वाकर के साथ चलने में दिक्कत महसूस करने लगी और बार बार लड़खड़ाकर गिरने लगी।
परिजनों ने जयमीत कौर को निजी चिकित्सकों को दिखाया। लेकिन बच्ची की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ। लड़की की मां मनजीत कौर ने बताया की पिछले वर्ष सितंबर में सरकारी अस्पताल में ही बच्ची का जन्म हुआ था व बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ थी।
उन्होंने बताया कि वह समय समय पर रतिया के सरकारी अस्पताल में आकर बच्ची का चेकअप करवाती रही है तथा अभी तक लगने वाले सारे टीके व दवाइयां भी उसने पिलाई हैं। दूसरी ओर अस्पताल में आज पोलियो आशंकित बच्ची का मामला आने से अस्पताल में हड़कंप मच गया। चिकित्सकों ने तुरंत बच्ची का निरीक्षण किया और उसके स्टूल सैंपल लेकर कसौली लैब भेज दिए हैं।
हफते भर में दूसरा मामला
ज्ञात रहे कि 31 जुलाई को भी महमड़ा गांव के एक बच्चे में भी पोलियो के लक्षण मिले थे। उसके स्टूल सैंपल भी कसौली भेजे हुए हैं और उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।
क्या कहना है पहले आशंकित बच्चे के पिता का
31 जुलाई को सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन करवाने आए डेढ़ वर्षीय अभिषेक के पिता वीरेंद्र सिंह का भी यही कहना था कि उन्होंने अपने बच्चे को न केवल पोलियो की बूंदें पिलाई हैं, बल्कि सभी बीमारियों से बचने के लिए टीकाकरण भी करवाया है।
उन्होंने बताया कि पिछले 3-4 दिनों से ही उनके बेटे के बाएं पांव में कमजोरी आ रही थी और इस कमजोरी के कारण ही वह चलने में काफी दिक्कत महसूस कर रहा था। उन्होंने बताया कि बच्चे में पोलियो की आशंका के चलते ही उसे उपचार के लिए रतिया के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया था।
क्या कहते हैं चिकित्सक....
इस बारे में चिकित्सक दीपक शर्मा ने कहा कि प्रथम जांच में बच्ची को एएफपी(एपटिट्यूट प्रोवाइकल पैरालाइसिस) के लक्षण पाए गए हैं। फिर भी बच्ची के स्टूल सैंपल लेकर कसौली भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारणों का पता चल पाएगा।
रतिया के दोनों पोलियो आशंकित मामलों की जानकारी मिली है। फिलहाल हम इस मामले में सैंपल की रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही इस दिशा में आगामी कदम उठाया जाएगा।’
- डॉ. सूरजभान कंबोज, सिविल सर्जन, फतेहाबाद