विधानसभा चुनाव से पहले एसवाईएल के पानी का मुद्दा एक बार फिर से गरमा गया है। कांग्रेस ने पंजाब से एसवाईएल (सतलुज यमुना लिंक) नहर से अपने हिस्से का पानी लेने का संकल्प दोहराया है। घोषणा-पत्र जारी करने के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के हिस्से का पानी हर हाल में लेंगे।
उन्होंने कहा कि हांसी-बुटाना लिंक नहर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और प्रयास किया जाएगा कि उच्चतम न्यायालय में लंबित केस का जल्द निपटारा हो। ताकि 2000 क्यूसेक पानी दक्षिण हरियाणा के छोर तक पहुंचाया जा सके। पार्टी ने वादा किया है कि घग्गर, मारकंडा, टांगरी और अन्य मौसमी नहरों में पानी संरक्षित करने के लिए चेक डैम बनाए जाएंगे।
यमुना, साहिबी और कृष्णावती नहरों में बरसात का अतिरिक्त पानी जमा करने के प्रयास किए जाएंगे। मेवात में नहर का निर्माण करवाया जाएगा और मेवात की कोटला झील, कैथल की बीबीपुर झील, बड़खल झील, गुड़गांव की सुल्तानपुर झील, झज्जर की भिंडावास झील, मोरी की टिक्करताल तथा मसानी वैराज का विकास करवाया जाएगा। इसी तरह से सिरसा की ओटू झील की क्षमता में बढ़ोतरी होगी।