चंडीगढ़। चार दिन से चल रही सफाईकर्मियों और डोर-टु-डोर गारबेज कलेक्टर की हड़ताल सोमवार को समाप्त हो गई। अब मंगलवार सुबह से सफाई शुरू हो जाएगी। हड़ताल खत्म होने से शहर के लोगों ने राहत की सांस ली है। मांगें मनवाने को बड़ी संख्या में सफाईकर्मी सेक्टर-17 के एमओएच कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे।
सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान महासचिव ओमपाल सिंह चावर ने बताया कि 23 अक्तूबर से सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों के प्रति तमाम ट्रेड यूनियनों के सहयोग से काम छोड़ हड़ताल पर थे। सोमवार को सफाई कर्मचारी यूनियन के नेता कृष्ण कुमार चड्ढा के नेतृत्व में नगर निगम आयुक्त केके यादव ने अपने कार्यालय में बैठक बुलाई। बैठक करीब तीन घंटे चली।
ये मांगें हुईं मंजूर
स्मार्ट घड़ियों को कर्मचारी की तनख्वाह से नहीं जोड़ा जाएगा और आगामी नगर निगम सदन की बैठक में एजेंडा लाकर घड़ियों को बंद करवाया जाएगा।
सभी डेलीवेज सफाई कर्मचारियों को चंडीगढ़ प्रशासन की 2015 की पॉलिसी के तहत पक्का किया जाएगा।
नगर निगम में ठेके पर लगे ड्राइवरों, सफाई कर्मचारियों, हेल्परों और गांव से आए सफाई कर्मचारियों को चंडीगढ़ प्रशासन से अनुमति लेकर नगर निगम के अधीन किया जाएगा।
ठेकेदारी के तहत लगे सभी सफाई कर्मचारियों को भारत सरकार के नोटिफिकेशन दिनांक 28 अक्तूबर 2017 के अनुसार 24000 रुपये प्रति माह वेतन दिया जाएगा।
नगर निगम में कार्यरत सभी ठेके पर कार्यरत सफाईकर्मी, ड्राइवर, हेल्पर, गांव से आए सफाईकमी सभी को गुड़, तेल, साबुन की सुविधा दी जाएगी।
नगर निगम के सभी सफाई कर्मचारियों को महीने के आखिरी शनिवार की पूरी छुट्टी लागू कर दी गई है।
अनुकंपा के आधर पर ठेकेदारी पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को नगर निगम के अधीन कर पक्का किया जाएगा और इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन से अनुमति ली जाएगी।
डोर-टु-डोर गारबेज कलेक्टर पहले की तरह अपना काम करते रहेंगे जिसका एजेंडा आगामी नगर निगम सदन की बैठक में भेजा जाएगा।
सफाई कर्मचारियों का सामान रखने के लिए प्रत्येक हाजिरी पर पक्के बूथ बना कर दिए जाएंगे जिस पर वित्तीय मंजूरी के लिए हाउस में पास किया जाएगा।
2004 से लेकर 28 अक्तूबर 2009 तक पक्के हुए सभी सफाई कर्मचारियों को जीपीएफ नंबर अलॉट किया जाएगा जिसके आप्शन फार्म हाजरियों पर भेजे जाएंगे।
जेम पोर्टल के तहत आए ठेकेदारों की शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डेलीवेज के तमाम सफाईकर्मियों को सरकारी मकान अलॉट करने की मंजूरी दे दी गई है।
जो भी कर्मचारी विभाग से रिटायर होंगे, उनके सेवानिवृत्त लाभ रिटायर होने के समय ही जारी कर दिए जाएंगे।
योग्य सफाई कर्मचारी को उनकी योग्यता के आधार पर पदोन्नत करके क्लर्क बनाया जाएगा जिसके लिए नगर निगम के सर्विस रूल्स में बदलाव हेतु हाउस में एजेंडा लाया जाएगा।
सभी सफाई कर्मचारियों, ड्राइवरों, हेल्परों, गांव से आए सफाई कर्मचारियों सभी को 10 लाख रुपये का जीवन एवं स्वास्थ्य बीमा किया जाएगा जिसके लिए नगर निगम सदन में एजेंडा लाया जाएगा।
कोविड-19 के दौरान सैनिटाइजेशन का काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को 1000 रुपये ईनाम के तौर पर दिए जाएंगे जिसके लिए हाउस में एजेंडा लाया जाएगा।
जेम पोर्टल के तहत ठेका लेने वाला ठेकेदार अपने अधीन कार्यरत सभी सफाई कर्मचारियों को जेम पोर्टल के अनुसार साल में 15 छुट्टियां प्रदान करेगा।
मांगें मनवाकर धरना स्थल पर आए यूनियन के नेता
यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मांगों को लिखित में अनुमोदित करवाकर धरने पर पहुंचे। वहां सभी कर्मचारियों को इस बारे में अवगत करवाया। नगर निगम के पार्षद व पूर्व मेयर व भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अरुण सूद एंव पूर्व महापौर आशा जायसवाल, नगर निगम की पार्षद सुनीता धवन, मनोनीत पार्षद सचिन लोहटिया व सैनिटेशन कमेटी के चेयरमैन और पूर्व महापौर राजेश कालिया धरने पर पहुंचकर संबोधित किया। सभी उपस्थित कर्मचारियों को उपरोक्त लिखित मांगों को आने वाली हाउस मीटिंग में जल्द से जल्द एजेंडा लाकर हल करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान कृष्ण कुमार चढ्ढा ने सभी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाली नगर निगम सदन की मीटिंग के परिणाम अगर कर्मचारियों के हक में नहीं आए तो स्थगित धरना और काम छोड़ो हड़ताल दोबारा शुरू की जाएगी।
डोर-टु-डोर गारबेज कलेक्टर के लिए बनेगी कमेटी
डोर-टु-डोर गारबेज क्लेक्शन सोसाइटी के चेयरमैन ओम प्रकाश सैनी ने बताया कि हड़ताल नगर निगम के अधिकारियों और भाजपा के पार्षदों के आश्वासन के बाद समाप्त किया है। यदि हमारी मांगें नहीं मानी गई तो दोबारा हड़ताल करेंगे। हमारी मांगों पर विचार करने के लिए दो पार्षद और तीन पूर्व मेयर के अलावा गारबेज कलेक्शन सोसाइटी के 11 सदस्यों की एक कमेटी का गठन कर इस पर चर्चा के बाद नगर निगम सदन की बैठक में एजेंडा लाया जाएगा। फिलहाल पूर्ववत काम किया जाएगा। ओम प्रकाश सैनी ने बताया कि नगर निगम ने जो एमओयू बनाया है, वह हम सभी से सहमति लेकर नहीं बनाया गया है।