भड़काऊ भाषण देने के मामले में स्वामी रामदेव पर देशद्रोह का केस दर्ज कराने के लिए डाली गई याचिका पर शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में सुनवाई के लिए खुद एसपी को पहुंचना था, लेकिन वे बार-बार समय देते रहे और कोर्ट में उनका इंतजार होता रहा। काफी इंतजार के बाद भी एसपी शशांक आनंद कानून व्यवस्था बनाने में व्यस्त होने का हवाला देकर कोर्ट नहीं पहुंचे।
कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 13 जून की तारीख मुकर्रर की है। हालांकि एसपी की ओर से अपने अधीनस्थों के हाथों कोर्ट में जांच रिपोर्ट भिजवा दी गई है। याचिकाकर्ता के वकील का कहना है कि अब कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट की कॉपी मांगी जाएगी, जिससे यह पता चल सके कि पुलिस ने किस तरह की जांच की। बता दें कि दो माह पहले नई अनाज मंडी में सद्भावना सम्मेलन में स्वामी रामदेव ने कहा था कि यदि कानून नहीं होता तो वे भारत माता की जय नहीं बोलने वालों का सिर काट देते।
इस मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सुभाष बतरा ने एसपी को शिकायत देकर मांग की कि स्वामी पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में देशद्रोह का केस दर्ज किया जाए। सुनवाई नहीं होने के कारण पूर्व मंत्री ने कोर्ट में याचिका लगा दी। कोर्ट ने खुद एसपी को जांच करके रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए। लेकिन 23 मई को हुई सुनवाई में डीएसपी ने कोर्ट में जाकर रिपोर्ट पेश की। इस पर कोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी करने की चेतावनी दी और कहा कि खुद एसपी को कोर्ट में रिपोर्ट पेश करनी होगी।
इस पर एसपी ने कोर्ट से 10 दिन का समय मांगा था और सुनवाई 3 जून को तय की गई थी। शुक्रवार को एसपी को रिपोर्ट लेकर पेश होना था। एसपी ने पहले 12 बजे आने के लिए कहा और फिर 2 बजे। लेकिन बाद में एसपी ने जाट आंदोलन चेतावनी के कारण कानून व्यवस्था बनाने में व्यस्त होने की बात कही और वे कोर्ट नहीं पहुंच सके। इस पर पूर्व मंत्री के वकील ओ. पी. चुघ ने कोर्ट से अवमानना नोटिस जारी करने की मांग की। इस पर वकीलों में बहस भी हुई। बाद में कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 13 जून तय की।
हमने अवमानना नोटिस जारी करने की मांग की: बतरा
पूर्व मंत्री सुभाष बत्तरा ने बताया कि एसपी शशांक आनंद बार-बार कोर्ट आने के लिए समय बढ़वाते रहे और बाद में नहीं आए। इसलिए हमने अवमानना नोटिस जारी करने की मांग की। फिलहाल कोर्ट से अगली तारीख लगा दी है।