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स्वच्छता सर्वेक्षण: पंजाब में पांच और राष्ट्रीय स्तर पर 86 पायदान खिसका पठानकोट, जानिए वजह

Thu, 20 Aug 2020 07:27 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)
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पठानकोट-जालंधर नेशनल हाइवे के नीचे ढांगू के पास की तस्वीर।
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स्वच्छता सर्वेक्षण में पठानकोट को पंजाब में 10वां और देशभर के 4042 शहरों में 257वां स्थान मिला। पठानकोट की स्वच्छता रैंकिंग पिछले चार साल में सबसे बुरी रही। पिछले साल के मुकाबले पठानकोट राज्य स्तर पर पांच तो राष्ट्रीय स्तर पर 86 पायदान खिसक गया। अब निगम के अधिकारी अपनी नाकामी छिपाने के लिए कोरोना को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। हालांकि, इस रिजल्ट के आने के पहले से ही पठानकोट के नए असिस्टेंट कमिश्नर सुरिंदर सिंह 2021 सर्वेक्षण की तैयारियों में जुटने की बात कह रहे हैं।

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2019 में पठानकोट ने प्रदेश में पांचवां और राष्ट्रीय स्तर पर 171वां स्थान हासिल किया था। 2018 में पठानकोट ने प्रदेश स्तर पर सातवां और राष्ट्रीय स्तर पर 223वां स्थान हासिल किया था। इसके पीछे निगम प्रशासन सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट न होने की बात को जिम्मेदार बताता था। इस बार निगम की हेल्थ ब्रांच का दावा है कि वह अपनी रैंकिंग को सुधारेगा।

इन कसौटियों पर खरा नहीं उतर सका पठानकोट
जनवरी में शुरू हुआ स्वच्छता सर्वेक्षण जून तक जारी रहा। लॉकडाउन में सफाई व्यवस्था चरमरा गई। पठानकोट को प्रोसेसिंग एंड डिस्पोजल में 800 नंबरों का नुकसान हुआ। सस्टेनेबल सेनीटेशन के 600 नंबर भी जिले ने गंवा दिए। कलेक्शन एंड ट्रांसपोर्टेशन के 600 नंबरों में भी पठानकोट का परफार्मेंस औसत रहा। हालांकि सिटीजन फीडबैक में पठानकोट ने पूरे 800 अंक हासिल किए लेकिन डायरेक्टर ऑब्जर्वेशन में भी जिले को नुकसान हुआ।
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पठानकोट में रोजाना इकट्ठा होता है 62 टन कूड़ा
2 लाख 37 हजार आबादी वाले पठानकोट निगम में रोजाना 62 टन कूड़ा इकट्ठा होता है। 30 टन गीला और 30 टन सूख कूड़ा होता है। जबकि, दो टन सेनेटरी नैपकिन, मिट्टी व सिल्ट से निकलता है। कूड़ा इकट्ठा करने के लिए निगम के 86 रिक्शा, 19 ऑटो और 12 ट्रालियां लगी हुई हैं। शहर के दो वार्डों में डोर टू डोर गीला व सूखा कूड़ा उठाने का काम शुरू हो चुका है। कूड़ा इकट्ठा करने वालों को ग्रीन कॉलर वर्कर का नाम दिया गया है जो गीले कूड़े को बनाई गई 28 कंपोस्ट गड्ढों में जमा कर रहे हैं।

कोरोना काल में सर्वेक्षण हुआ जिसका नुकसान हुआ है। वहीं कचरे के डिस्पोजल और प्रोसेसिंग के नंबर भी कटे। अभी से जनवरी 2021 में होने वाले सर्वेक्षण के लिए मेहनत कर रहे हैं। अगली बार अच्छे नंबरों से रैंकिंग में सुधार आएगा। जानू चलौत्रा, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर 

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