पंजाब के पठानकोट में शुक्रवार को सेना की वर्दी में संदिग्ध आतंकियों के देखे जाने के मामले में डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने शनिवार को खुलासा किया संदिग्ध कार जम्मू के एक व्यक्ति की है। अभी तक की जांच में पता चला है कि उस कार का इस्तेमाल में तस्करी में किया जा रहा था। अरोड़ा सिविल लाइन स्थित पुलिस लाइन में नए बने ब्लाक का उद्घाटन करने के लिए पहुंचे थे।
पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह गिल की मौजूदगी में उन्होंने बताया इस मामले में पंजाब पुलिस और सभी सुरक्षा एजेंसियां मिल कर काम कर रही है। बीएसएफ, आर्मी, एयरफोर्स के साथ-साथ इंटेलीजेंस के साथ पूरी तरह से सूचनाएं सांझा कर काम किया जा रहा है। हर प्रकार के इनपुट पर पूरी तरह से ध्यान दिया जा रहा है। डीजीपी अरोड़ा ने कहा कि 18 नवंबर को हुए अमृतसर में ग्रेनेड हमले के बाद शनिवार को उन्होंने लुधियाना के पुलिस कमिश्नर के साथ साथ मीटिंग की है। पुलिस अधिकारियों को कुछ दिशा निर्देश दिए गए है।
संदिग्ध आतंकियों के देखे जाने के मामले में डीजीपी ने कहा कि उनकी एसएसपी पठानकोट के साथ लगातार बात हो रही है। किसी भी व्यक्ति की ओर से दी गई सूचना को हल्के में नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस और सेना के जवानों ने सर्च ऑपरेशन भी शुरू कर दिया है। पठानकोट के आसपास इलाकों में पूरी तरह से अलर्ट है।
पठानकोट में मिली संदिग्ध कार के बारे में उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने मालिक को ट्रेस कर लिया है, जो कि जम्मू से संबंधित है और अब तक की जांच में यह पता चला है कि इस कार को तस्करी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। अमृतसर के निरंकारी भवन में ग्रेनेड में पकड़े गए आरोपी के संबंध में डीजीपी ने कहा कि अभी पूछताछ की जा रही है और अन्य आरोपी पकडे़ जाने के बाद ही बाकी की सूचना सांझी की जा सकेंगी।