जीरकपुर। निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप में जीरकपुर थाना पुलिस ने सुषमा ग्रुप के मालिकों सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों में बिंदर पाल मित्तल, भरत मित्तल, प्रतीक मित्तल, करमजीत सिंह, गुरजीत सिंह और अन्य शामिल हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई खड़ड़ निवासी सतिंदर पाल सिंह की शिकायत और डीएसपी सिटी-2 की जांच रिपोर्ट के आधार पर की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने उन्हें सुषमा इम्पीरिया और सुषमा प्रेस्टाइन प्रोजेक्ट में निवेश के लिए प्रेरित किया था। आरोप है कि
कॉमर्शियल यूनिट और अन्य प्रॉपर्टी के नाम पर एमओयू, एग्रीमेंट-टू-सेल और अलॉटमेंट लेटर जारी कराए गए। निवेश के बदले हर महीने तय रिटर्न देने और छह साल में कब्जा देने का भरोसा दिया गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि शुरुआत करीब दो साल तक तय रिटर्न दिया गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। आरोप है कि 2024 में प्रोजेक्ट में देरी का हवाला देकर नया एमओयू साइन कराया गया और बाद में पता चला कि मासिक रिटर्न की राशि लगभग आधी कर दी गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि यह सब बिना जानकारी दिए धोखे से कराया गया। साथ ही प्रोजेक्ट भी अब तक अधूरे पड़े हैं।
न कब्जा दिया गया और न मूल राशि लौटाई गई। डीएसपी सिटी-2 की जांच में शिकायतकर्ता के आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया। जांच रिपोर्ट में आरोपियों पर सोची-समझी साजिश के तहत ठगी करने की बात सामने आने के बाद धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज करने की सिफारिश की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जीरकपुर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएचओ सतींद्र सिंह का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच के दौरान नए तथ्य सामने आने पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के विदेश भागने की आशंका जताकर उनके पासपोर्ट जब्त करने की मांग भी उठाई है।