फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कल से रामदरबार के स्मॉल फ्लैट्स में शुरू होगा सर्वे, सीएचबी ने बनाई 10 टीमें

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। शहर में करीब 17 हजार स्मॉल फ्लैट्स चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने आवंटित किए हैं। इनमें से कई मकान बिक चुके हैं, जबकि ये खरीदे-बेचे नहीं जा सकते। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने इन फ्लैटों का सर्वे करवाने का फैसला लिया था। रविवार से इस सर्वे की शुरुआत होने जा रही है। सीएचबी ने रामदरबार के स्मॉल फ्लैट्स में सबसे पहले सर्वे कराने का फैसला किया है। इसके लिए 10 टीमें गठित कर दी गई हैं।
विज्ञापन

सीएचबी के अनुसार यहां 576 स्मॉल फ्लैट्स का सर्वे किया जाएगा। बोर्ड के अनुसार ऐसे सभी लोगों के फ्लैट की अलॉटमेंट रद्द की जा सकती है, जिन्हें आगे बेच दिया गया है। इसके अलावा पुलिस कार्रवाई भी की जा सकती है। बोर्ड की तरफ से गठित अधिकारियों की टीमें डोर-टु-डोर जाएंगी और तय प्रोफार्मा में आवंटियों की जानकारी भरी जाएगी। इंफोर्समेंट ऑफिसर और उनकी टीम सर्वे का नेतृत्व करेगी और जरूरत पड़ने पर टीम को सहायता देगी।
बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग की तरफ से टीमें गठित करने के संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। इससे पहले आदेशों में बोर्ड ने कहा था कि वह पूरे शहर के स्मॉल फ्लैट में सर्वे कराने जा रहे हैं। सीएचबी की विभिन्न टीमें एक-एक फ्लैट्स में जाएंगी और जांच करेगी कि वह आवंटित किसे हुआ था और अब उसमें कौन रह रहा है।
विज्ञापन

लोगों को दिखाना होगा आवंटन व पहचान पत्र
सीएचबी ने स्पष्ट किया है कि सर्वे के समय जो भी व्यक्ति फ्लैट में रह रहा होगा, उसे फ्लैट का आवंटन पत्र और अपना पहचान पत्र दिखाना होगा। अगर घर में आवंटी मौजूद नहीं होगा, तो परिवार का अन्य कोई सदस्य भी दस्तावेजों को दिखा सकता है। हालांकि उसे आवंटी के साथ अपने रिश्ते के सुबूत को दिखाना होगा। आवंटित फ्लैट में दोस्त, रिश्तेदार व अन्य रह सकते हैं, लेकिन सिर्फ कुछ समय के लिए। वह स्थायी निवासी नहीं हो सकते। हालांकि उस स्थिति में भी आवंटी का साथ में रहना अनिवार्य होगा। अगर वह नहीं होगा, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि इस पूरे सर्वे में जो भी मकान खाली होंगे, उन्हें अन्य योग्य लोगों को आवंटित किया जाएगा।
शहर में आवंटित किए हैं 17 हजार फ्लैट्स
सीएचबी की तरफ से बताया गया है कि चंडीगढ़ में पुनर्वास, स्मॉल फ्लैट योजना और किफायती किराया आवासीय योजना के तहत कुल करीब 17000 फ्लैट आवंटित किए गए हैं। आवंटन के नियमों के अनुसार ये सभी लीज पर हैं और इन्हें बेचना, ट्रांसफर करना और किसी अन्य को सौंपना गैर कानूनी है। बावजूद इसके कई इलाकों में फ्लैट्स को बेचा और खरीदा जा रहा है। कई मामलों में एक फ्लैट को कई बार बेचा जा चुका है। सीएचबी के पास ऐसी कई शिकायतें पहुंची हैं। बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि ये गैरकानूनी है और अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे व्यक्ति पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें