सुरजीत बाउंसर हत्याकांड मामले में पंजाब की संगरूर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाए गैंगस्टर सुखप्रीत उर्फ बुड्डा के खिलाफ पुलिस को कोई अहम सुराग नहीं मिला है और न ही उसकी भूमिका के बारे में पता चल सका है। पुलिस पूछताछ में वह कहता रहा कि उसकी सुरजीत हत्याकांड में कोई भूमिका नहीं है। वहीं शुक्रवार को सुखप्रीत का दो दिन का रिमांड खत्म होने के बाद उसे वापस न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बीते मंगलवार को मलोया थाना पुलिस पंजाब की संगरूर जेल में बंद गैंगस्टर सुखप्रीत उर्फ बुड्डा को एक दिन के प्रोडक्शन वारंट पर लाई थी। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वह रोमानिया में बैठे गैंगस्टर गौरव पटियाल उर्फ लकी के संपर्क में था लेकिन बाउंसर सुरजीत की हत्या में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। इसके बाद पुलिस ने सुखप्रीत का दोबारा एक दिन का और रिमांड हासिल किया लेकिन इसके बाद भी पुलिस को ऐसा कोई सुराग नहीं मिला।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि गैंगस्टर गौरव पटियाल उर्फ लकी फर्जी पासपोर्ट बनवाकर विदेश फरार हुआ था। इसके बाद उसे रोमानिया की स्थानीय पुलिस ने पकड़ लिया था। पुलिस अब गौरव पटियाल उर्फ लकी को जल्द चंडीगढ़ लाने की तैयारी में है। इसके बाद ही सुरजीत हत्याकांड की तस्वीर साफ हो सकेगी।
जानकारी के अनुसार 17 मार्च 2020 को सेक्टर-38 वेस्ट स्थित स्मॉल चौक के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर सुरजीत बाउंसर की हत्या कर दी। सुरजीत को पांच गोलियां लगी थीं। गैंगस्टर दविंदर बंबीहा के फेसबुक अकाउंट पर गौरव पटियाल उर्फ लकी के नाम का खुलासा हुआ था। पुलिस की तरफ से कयास लगाया गया कि इसी रंजिश में सुरजीत की हत्या हुई है। वारदात के सात महीने बाद भी पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।