संगत दर्शन कार्यक्रम में पहुंचे सीएम प्रकाश सिंह बादल
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पीओके में सर्जिकल अटैक के बाद बॉर्डर से सटे गांवों में तनाव का माहौल है। वहीं, मुख्यमंत्री ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमा के दस किमी के दायरे में आने वाले गांवों के लोगों को शिफ्ट कर यह क्षेत्र खाली कराने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपने आवास पर सभी अफसरों की आपात बैठक बुलाई। इसमें सभी मंत्रियों और सरकारी मशीनरी से जुड़े अफसरों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने सीमांत जिलों के लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्र को खाली कराने का फैसला किया है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सुबह फोन पर उनसे इस बारे में बात की और आवश्यक निर्देश दिए।
एरिया जल्द से जल्द खाली कराने और एकता बनाए रखने के निर्देश
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बादल ने मुख्य सचिव और डीजीपी से कहा है कि छह सीमांत जिलों फिरोजपुर, फाजिल्का, अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर और पठानकोट के डीसी व एसएसपी को निर्देश जारी किए जाएं। वे दस किमी के दायरे के क्षेत्र को खाली कराने की प्रक्रिया जल्द शुरू करें। साथ ही इसकी खुद निगरानी करें।
सभी जिलों के डीसी से कहा जाए कि कैंप स्थापित करने को जगहों की पहचान की जाए। खाली कराए जाने वाले क्षेत्रों के किसी भी नागरिक को असुविधा नहीं होनी चाहिए। बादल ने कैबिनेट के सभी मंत्रियों के अलावा विधायकों से भी निजी तौर पर बात की। सीमांत जिलों के नेताओं से कहा गया है कि वे अपने हलके में रहकर प्रशासन से तालमेल बनाए रखें।
बादल ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए इन छह जिलों के डीसी को एक-एक करोड़ रुपये तुरंत जारी किए जाएं। देश की एकता-अखंडता को कायम रखने के प्रति पंजाब के लोगों में व्याप्त देशभक्ति की भावना को याद करते हुए बादल ने लोगों से अब भी वही भावना प्रकट करने की अपील की है। बैठक में मुख्य सचिव सर्वेश कौशल, प्रमुख सचिव एसकेसंधू, डीजीपी सुरेश अरोड़ा और विशेष प्रमुख सचिव गगनदीप बराड़ भी थे।