दूसरे ट्वीट में रैना ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और पंजाब पुलिस को ट्वीट कहा कि हमें अभी तक उस रात (19 अगस्त) को क्या हुआ, किसने किया, यह पता नहीं चल पाया। पंजाब पुलिस से आग्रह है कि वे जांच करें। हमें यह जानने का हक है कि हमारे परिवार के साथ यह घिनौना कृत्य किसने किया। ऐसे लोग दूसरों के साथ यह कृत्य न कर पाएं। इसी ट्वीट में उन्होंने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी टैग किया है।
19-20 अगस्त की रात करीब ढाई बजे गांव थरियाल में लुटेरे सरकारी ठेकेदार अशोक कुमार के मकान के पीछे खेतों में सीढ़ी लगाकर छत पर चढ़े और रैना के फूफा अशोक कुमार, उनके दोनों बेटों कौशल और अपन पर हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक हमलावरों ने बेसबॉल बैट और रॉड से हमला किया।
उनको बेहोशी की हालत में छोड़ लुटेरे सीढ़ियों से नीचे मकान में उतरे और अंदर लेटी रैना की बुआ आशा देवी और उसकी सास सत्या देवी पर भी हमला कर दिया। उसके बाद लुटेरों ने घर के अंदर रखे कैश, जेवरों व अन्य सामान पर हाथ साफ किया और उसी रास्ते लौट गए। सुबह दूध देने आए व्यक्ति को कराहने की आवाज आई तो लोगों को इकट्ठा कर दरवाजा तोड़ा गया। तब तक अशोक कुमार की मौत हो चुकी थी।
मामले की जांच कर रही एसआईटी का नेतृत्व कर रहे एसपी (डी) प्रभजोत सिंह विर्क ने कहा कि पहले उन्हें पीड़ित परिवार के क्रिकेटर सुरेश रैना के साथ संबंध का पता नहीं था। अब पता चला है। पुलिस के लिए हर व्यक्ति खास है। पुलिस पहले भी गंभीरता से मामला सुलझाने में लगी थी। अज्ञात लोगों पर कत्ल समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है।
डीजीपी दिनकर गुप्ता के अनुसार, सुरेश रैना के फूफा अशोक कुमार के साथ काम करने वाले छह मजदूरों से भी पूछताछ की गई है। अपराध वाली जगह और करीबी स्थानों के टावर से डंप डाटा लेकर तकनीकी विश्लेषण के लिए भेज दिया गया है। अपराध वाली जगह के आसपास की सीसीटीवी फुटेज देखी जा रही है।
जांच में ये संकेत मिले हैं कि अपराधियों द्वारा पड़ोस के तीन अन्य घरों को भी लूटने की योजना थी। डीजीपी ने बताया कि सूबे में पिछली इसी तरह की घटनाओं की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इन मामलों में गिरफ्तार व्यक्ति अभी जेल में हैं या बाहर हैं।
एसआईटी का नेतृत्व आईजी परमार करेंगे
एसआईटी का विवरण देते हुए दिनकर गुप्ता ने बताया कि इसका नेतृत्व आईजी बार्डर रेंज (अमृतसर) एसपीएस परमार कर रहे हैं। इसमें पठानकोट के एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना व एसपी इंवेस्टीगेशन प्रभजोत सिंह विर्क व धारकलां (पठानकोट) के डीएसपी रविंदर सिंह बतौर सदस्य शामिल हैं। एडीजीपी लॉ एंड आर्डर ईश्वर सिंह को हर रोज जांच की निगरानी का काम सौंपा गया है।
आईजी परमार को राज्य में तैनात किसी भी अन्य पुलिस अधिकारी या अधिकारियों को इस केस की जल्दी जांच के लिए शामिल करने का अधिकार दिया गया है। एडीजीपी लॉ एंड आर्डर और चेयरमैन एसआईटी को निर्देश दिए गए हैं कि वे डीजीपी को रोजाना जांच की स्थिति की जानकारी देंगे। डीजीपी ने कहा कि वे खुद मुख्यमंत्री को अपडेट करेंगे।
गांव थरियाल में 19 अगस्त की रात को डकैतों के हमले में गंभीर घायल कौशल कुमार की भी सोमवार देर रात मौत हो गई। कौशल क्रिकेटर सुरेश रैना के फुफेरे भाई थे। रैना ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट कर इसकी जानकारी दी और दुख जताया। कौशल 20 अगस्त से अमनदीप अस्पताल में भर्ती थे। अधिक चोटिल होने के कारण उन्हें लाइफ सपोर्ट पर रखा गया था। सोमवार देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और बाद में उनकी मौत हो गई।
पिता की तेरहवीं पर बेटे ने तोड़ा दम, एक दिन टला अंतिम संस्कार
वारदात 19 अगस्त को हुई थी। हमले में घायल रैना के फूफा अशोक कुमार की उसी दिन मौत हो गई थी। सोमवार को उनकी तेरहवीं थी। इसके बाद बाकी परिजन हरिद्वार अस्थि विसर्जन के लिए चले गए। रिश्तेदारों ने बताया कि मृतक कौशल का भाई, दादी दोनों मेडिकल अनफिट हैं। चाचा समेत बाकी रिश्तेदार हरिद्वार गए हैं। मां आशा देवी अभी वेंटिलेटर पर हैं।
मंगलवार को कौशल का पोस्टमार्टम हुआ लेकिन परिवार ने अंतिम संस्कार एक दिन के लिए टाल दिया और शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में ही रखा गया है। अब बुधवार को कौशल का अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, सुरेश रैना या उनके भाई दिनेश रैना के आने पर संशय बरकरार है। एसपी पीएस विर्क का कहना है कि अभी तक रैना के यहां आने की कोई पूर्व सूचना नहीं पहुंची है।