सीसीटीवी कैमरों की विशेषताओं को लेकर हरियाणा के गृह सचिव से जवाब तलब
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश स्पष्टï तो फिर पूछताछ के स्थल पर सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पानीपत के थाने में व्यक्ति की निर्मम पिटाई के मामले में सुनवाई के दौरान सीसीटीवी कैमरे को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन न करने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए हरियाणा के गृह सचिव से हलफनामा मांगा है। हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के थानों व चौकियों में सीसीटीवी कैमरों को लेकर निर्देश स्पष्ट थे तो क्यों गलत स्पष्टीकरण दिया जा रहा है। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने की अवधि को लेकर भी गृह सचिव को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट के समक्ष पानीपत सीआईए द्वारा एक व्यक्ति को प्रताड़ित करने से जुड़ा मामला सुनवाई के लिए पहुंचा था। इस मामले में हाईकोर्ट ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश से जांच करवाई थी और इसमें सामने आया था कि डीवीआर की हार्ड डिस्क बदली गई थी। हाईकोर्ट ने पानीपत पुलिस के सीआईए-प्रभारी को याचिकाकर्ता को 50,000 रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट के समक्ष दूसरा पहलू सीसीटीवी कैमरों से जुड़ा था और हाईकोर्ट ने पाया कि थानों और चौकियों को पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में नहीं लाया गया है। पानीपत के एसपी परमवीर सिंह सैनी के हलफनामे में पाया कि उन्होंने भ्रामक हलफनामा दाखिल किया है। हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि पूछताछ का स्थल सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होना चाहिए फिर ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा। हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेश के गृह सचिव को निर्देश दिया है कि वह समय-सीमा बताएं, जिसके भीतर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। गृह सचिव को हरियाणा पुलिस द्वारा सभी उन जांच स्थलों के बारे में जानकारी सौंपने का आदेश दिया है जहां सीसीटीवी मौजूद है और उन सीसीटीवी कैमरों की विशेषताओं के बारे में भी जानकारी सौंपने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार, डीजीपी कार्यालय या पुलिस अधीक्षक कार्यालय जागरूकता की कमी का बहाना नहीं बना सकते, खास तौर पर तब जब उनके पास पर्याप्त कानूनी संसाधन मौजूद हैं। एसपी ने कहा था कि उन्हें लगता है कि सीसीटीवी कैमरे केवल थाने और चौकियों में ही लगाए जाने थे। हाईकोर्ट ने कहा कि उन स्थानों का चयन करना राज्य अधिकारियों पर निर्भर नहीं है, जहां वे सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाना चाहते थे।