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शराब पीने के शौकीनों के लिए बड़ी खुशखबरी, SC ने जारी किया नया आदेश

Thu, 31 Aug 2017 09:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Liquor
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शराबी पीने के शौकीन लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी। शराब परोसने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नया आदेश जारी किया है, जिसे लागू भी कर दिया गया है। यूटी प्रशासन ने मंगलवार को आर्डर जारी कर शहर के होटल, रेस्तराओं और डिस्कोथेक में शराब परोसने की अनुमति दे दी हैं। लाइसेंस ले चुके शराब कारोबारी बुधवार से होटल, रेस्टोरेंट्स और पब व बार में शराब परोस सकते हैं।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश को आधार बनाते हुए यूटी प्रशासन ने शराब परोसने की अनुमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट के आर्डर के मुताबिक नगर निगम (एमसी) लिमिट के अंदर शराब परोसी जा सकती है। यूटी प्रशासन ने इस संदर्भ में मंगलवार को आर्डर जारी कर दिए हैं। डीसी कम एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर अजीत बालाजी जोशी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि शराब कारोबारी अपने लाइसेंस रिन्यू के लिए एक्साइज आफिस में आवेदन कर सकते हैं। लाइसेंस फीस जमा कराने के बाद अपना कारोबार शुरू कर सकते हैं।

88 होटल और रेस्तरा मालिकों को राहत
यूटी प्रशासन के इस फैसले से चंडीगढ़ के करीब 88 होटल व रेस्तरां मालिकों को राहत मिलेगी। दरअसल, चंडीगढ़ प्रशासन ने 16 मार्च को शहर के 12 हाईवे को डीनोटिफाई करने को लेकर नोटिफिकेशन जारी की थी। इस पर चंडीगढ़ की एनजीओ एराइव सेफ के संस्थापक हरमन सिद्धू ने यूटी प्रशासन के डीनोटिफिकेशन पॉलिसी को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद हरमन ने यूटी प्रशासन व पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया था। इस पर सुप्रीमकोर्ट ने पिटीशन खारिज कर दी है।
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डीसी ने शराब कारोबारियों को लाइसेंस रिन्यू के लिए कहा

पंजाब आबकारी (संशोधन) बिल को चुनौती
डीसी अजीत बालाजी जोशी ने एमसी लिमिट के अंदर शराब परोसने की अनुमति दे दी है। एक्साइज डिपार्टमेंट ने शहर के शराब कारोबारियों को लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए कहा है। शराब कारोबारी लाइसेंस फीस जमा कराने के बाद अपने होटल, रेस्टोरेंट्स, डिस्कोथेक, पब व बार में शराब परोस सकेंगे।

सालाना 7.56 करोड़ रुपये लाइसेंस फीस की कमाई
एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट को साल भर में 64 होटल व रेस्टरोरेंट्स से लाइसेंस फीस के रूप में करीब 7.56 करोड़ रुपये की कमाई होती थी। होटल, पब, बार व डिस्कोथेक में शराब परोसने के लिए सालभर के लिए टैक्स समेत मिलाकर करीब 12 लाख रुपये लाइसेंस फीस देनी पड़ती हैं। सुप्रीमकोर्ट से राहत मिलने के बाद प्रशासन को इन 66 होटल व रेस्टरोरेंट्स से से लाइसेंस फीस के रूप में साल भर में करीब 7.56 करोड़ रुपये की कमाई होगी।

बार व पब से 87 लाख का राजस्व
बीयर बार व पब में शराब परोसने की अनुमति के लिए 3.50 लाख रुपये का लाइसेंस लेना होता है। इस हिसाब से शहर में एक बार फिर 25 बीयर बार व पब में शराब परोसने जाने से यूटी एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट को साल भर की करीब 87 लाख रुपये की कमाई होगी।

मध्यमार्ग, सेक्टर-34, 35 और 43 के बार व रेस्टोरेंट्स को राहत

liquor
यूटी प्रशासन ने मंगलवार को जो आर्डर जारी किए है। उसमें स्पष्ट है कि नगर निगम की सीमाओं के अंदर शराब परोसी जा सकेगा। इस फैसले से चंडीगढ़ के मध्य मार्ग, सेक्टर-34, 35 और 43 के होटल व रेस्टोरेंट्स मालिकों को राहत मिली है।

शराब कारोबारी लाइसेंस रिन्यू के लिए एक्साइज डिपार्टमेंट आवेदन कर सकते है, लाइसेंस रिन्यू होने के साथ वह अपना कारोबार शुरू कर सकेंगे।
-अजीत बालाजी जोशी, डीसी कम एक्साइज कमिश्नर

सुप्रीमकोर्ट व प्रशासन के इस फैसले से होटल मालिकों को राहत मिलेगी। प्रशासन के इस फैसले से बेरोजगार हो गए हजारों लोगों को दोबारा रोजगार मिलेगा।
- अरविंदर पाल सिंह, होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन आफ चंडीगढ़

 
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न्यू एक्साइज पॉलिसी के मुताबिक ये होगी लाइसेंस फीस

liquor vends
कैटागिरी-------------------------------लाइसेंस फीस
एल-3,एल-4 और एल-5 के लिए---------6 लाख रुपये
(होटल, रेस्टोरेंट्स और बार)
एल-3,एल-4 और एल-5 के लिए----------10 लाख रुपये
(4-स्टार से उपर के होटल, रेस्टोरेंट्स और बार)
एल-3ए, 4ए, 5ए के लिए---------------2.5 लाख रुपये
(होटल, रेस्टोरेंट्स और बार)
एल-10 ए  (बीयर बार और रेस्टोरेंट्स)------60,000 रुपये
एल-10 बी  (विदेशी शराब व बीयर)-------12 लाख रुपये
एल-10 सी (माइक्रोब्य्रूवेरी)----------------4 लाख रुपये
एल-12 सी  (1500 मेंबर तक के क्लब)----2.5 लाख रुपये
एल-12 ए (विदेशी शराब के बाटलिंग)------2 लाख रुपये
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