ऑल इंडिया एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट के चेयरमैन मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने अपने लिए इच्छा मृत्यु की मांग की है।
यहां बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने ने कहा कि दविंदरपाल सिंह भुल्लर की फांसी की सजा कम होकर आजीवन कारावास में बदल जाना कांग्रेस की नरमी का नतीजा है।
उन्होंने कहा कि भुल्लर ने उन पर 1993 में आरडीएक्स से हमला किया था, जिसमें कई लोग मारे गए थे। इस मामले भुल्लर को फांसी की सजा हुई थी, लेकिन उसकी दिमागी हालत का हवाला देते हुए कांग्रेस सरकार ने सजा में छूट से संबंधित रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश कर दी। इससे उसकी सजा कम हो गई।
बिट्टा ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को भुल्लर की दिमागी हालत तो दिखाई देती है, लेकिन उनकी नहीं। साथ ही कहा कि वह कांग्रेसी नेताओं के इस फैसले से काफी आहत हैं और इच्छा मृत्यु चाहते हैं।
मनिंदरजीत सिंह बिट्टा के अनुसार वह जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके भी अपने लिए इच्छा मृत्यु की मांग करेंगे, ताकि उनके अंग घायल फौजी जवानों के काम आ सकें। उन्होंने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट से यह मांग भी करेंगे कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और उनकी सुरक्षा वापस लेने की जांच करवाई जाए।
इस सुरक्षा को वापस लेने के लिए जिम्मेदार आईबी और केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी संबंधित याचिका में की जाएगी। बिट्टा ने आरोप लगाया कि आईबी, पुलिस के अधिकारियों सहित कांग्रेस के ही कुछ नेता उनकी हत्या करवाना चाहते थे। उन कांग्रेसी नेताओं में से एक मर चुका है, जबकि एक लोकसभा चुनाव लड़ रहा है। इस नेता के नाम का खुलासा करने से बिट्टा ने इंकार कर दिया।