लॉकडाउन में एमएलए (विधायक) हॉस्टल के गेस्ट हाउस के कमरे किराए पर देने के चलते सुपरवाइजर व टेलीफोन सहायक नप गए हैं। विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने दोनों को निलंबित कर दिया है। विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों की छापेमारी में एमएलए हॉस्टल में गड़बड़ी पकड़ी गई थी। अधिकारियों की रिपोर्ट पर स्पीकर ने दोनों कर्मचारियों को निलंबित किया है।
लॉकडाउन के बाद एमएलए इत्यादि घरों को चले गए थे। 24 मार्च से कर्फ्यू लागू होने के बाद गेस्ट हाउस के कमरों को किराए पर चढ़ाया जाने लगा। काफी संख्या में कमरे किराए पर दिए गए। किसकी सिफारिश पर यह हुआ, इसका खुलासा जल्दी हो जाएगा। इसमें बड़े नाम सामने आ सकते हैं। 31 मई 2020 को स्पीकर के निर्देश पर अधिकारियों ने एमएलए हॉस्टल की जांच की तो सारी पोल खुल गई।
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अधिकारियों की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद एमएलए हॉस्टल के सुपरवाइजर धर्मबीर यादव तथा टेलीफोन सहायक शतरजीत सिंह को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। शराब तस्करी से जुड़े मामले में पूर्व विधायक सतविंदर राणा को भी एमएलए हॉस्टल के ग्राउंड से ही गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद विधानसभा सचिवालय के कान खड़े हो गए। इससे पहले एक विधायक का रिश्तेदार एमएलए हॉस्टल में रहते हुए नशा तस्करी में चंडीगढ़ पुलिस के हाथों गिरफ्तार हो चुका है।